जेएमएम-कांग्रेस का तो क्लीयर हो गया, बीजेपी कबतक बिना कप्तान खेलेगी ?
झामुमो के बाद कांग्रेस ने अपने दल के नेता का चयन विधानसभा के पहले सत्र में ही कर लिया. कांग्रेस के अंदर काफी मतभेद था इसके बावजूद पार्टी ने बेहतर तरीके से अपने विधायकों को सरकार और संगठन में एडजस्ट कर दिया. बीजेपी के अंदर कोई मतभेद नहीं है. फिर भी आखिर क्यों बीजेपी अपने विधायकों का लीडर चुनने में देर कर रही है ?

















































