वित्तमंत्री के कार्यक्रम में मधुमक्खियों का हमला, कई अधिकारी और पत्रकार घायल
वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर गुरुवार को पांकी के अमानत बराज का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर मधुमक्खियों ने अटैक कर दिया.

पलामू :
झारखंड के वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर के कार्यक्रम स्थल पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. इस हमले में कई अधिकारी और पत्रकार घायल हो गए. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के नेतृत्व में एक टीम पांकी बराज का निरीक्षण करने पहुंची थी. टीम में सिंचाई विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद थे. निरीक्षण कार्य चल रहा था. इसी दौरान मधुमक्खियों का हमला हो गया. हमले की चपेट में कई अधिकारी और पत्रकार आ गए. मधुमक्खियों के हमले के बाद वित्त मंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें घेर लिया और गाड़ी में बैठा लिया.
लोगों ने भाग कर जान बचाई
वित्तमंत्री ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे थे. इसके बाद वे बराज का निरीक्षण करने के लिए करीब पहुंचे. इसी दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले की जद में कई अधिकारी और पत्रकार आ गए. मधुमक्खियों का हमला तेज होने के बाद सभी लोग अपनी गाड़ियों में भागकर वहां से चले गए. निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सिंचाई विभाग के सचिव, मुख्य अभियंता, पलामू डीसी शशि रंजन, डीडीसी शब्बीर अहमद, सदर एसडीएम सुलोचना मीणा समेत समिति के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे.
15 फरवरी तक मुआवजा का भुगतान
बराज के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों के साथ मिलकर इस परियोजना के अधूरे काम को फिर से गति देने की दिशा में विचार किया. वित्त मंत्री ने कहा कि 15 फरवरी तक बराज के लिए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने बताया कि 30, 31 जनवरी और 1 फरवरी को बराज परिसर में एक विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा. इस कैंप में वे ग्रामीण जिनकी जमीन बराज के निर्माण क्षेत्र में अधिग्रहीत की गई है, अपने मुआवजे के दावे दर्ज कर सकते हैं. इस अभियान में विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, और अंचलाधिकारी शामिल होंगे, जो मुआवजे से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेंगे.
23,000 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि पांकी अमानत बराज का निर्माण पूरा होने के बाद 23,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी. इस परियोजना से पांकी, पाटन, और छतरपुर के किसानों को विशेष लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना के अधूरे निर्माण को पूरा करने में लंबा समय लगा है, लेकिन अब उनकी कोशिश है कि जल्द से जल्द इसका काम पूरा कर किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जा सके. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जो ग्रामीण बराज के डूब क्षेत्र में आ रहे हैं और जिनका प्रधानमंत्री आवास या अबुआ आवास स्वीकृत हुआ है, उन्हें प्रावधान के तहत नई जगह पर आवास बनाने की अनुमति दी जाएगी.

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