अमेरिका से 104 भारतीयों के डिपोर्टेशन पर संसद में हंगामा, विपक्षी सांसदों ने हथकड़ी लगाकर किया प्रदर्शन
नई दिल्ली : बजट सत्र के पांचवें दिन संसद में अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्टेशन के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे पर हंगामा शुरू कर चर्चा की मांग की. विपक्षी सद्स्यों ने 'सरकार शर्म करो' के नारे भी लगाए. इस मामले को लेकर समाजवादी पा...


नई दिल्ली : बजट सत्र के पांचवें दिन संसद में अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्टेशन के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे पर हंगामा शुरू कर चर्चा की मांग की. विपक्षी सद्स्यों ने 'सरकार शर्म करो' के नारे भी लगाए. इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोक सभा में कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया. कांग्रेस सांसद गोगोई ने कहा कि इन व्यक्तियों को निर्वासन प्रक्रिया के दौरान बेड़ियों में जकड़े जाने और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किए जाने की खबरें सामने आई हैं. वहीं स्पीकर ओम बिरला ने कहा- आपकी चिंता के बारे में सरकार को मालूम है. ये विदेश नीति का मुद्दा है. इसके बाद भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा. हंगामे के कारण स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है : मणिकम टैगोर
लोकसभा में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने अमेरिका से भारतीय नागरिकों के डिपोर्टेशन (बाहर निकालने) पर चर्चा के लिए स्थगन नोटिस दिया. टैगोर ने कहा कि, 100 से ज्यादा भारतीयों को अमेरिका से बाहर निकालने पर पूरा देश हैरान है. यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है. सरकार इस पर चुप क्यों है. भारत ने इस अमानवीय व्यवहार की निंदा क्यों नहीं की.
हथकड़ियां लगाकर संसद परिसर में प्रदर्शन
संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में भी हाथों में हथकड़ियां पहनकर सरकार की नीतियों का विरोध किया. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल हाथों में हथकड़ी पहने दिखे. इसके अलावा प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर समेत कई सांसद शामिल हुए.
हथकड़ी लगाकर भेजना अपमान है : शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जिस तरह से यह किया गया, हम उसका विरोध कर रहे हैं. उनके पास उन लोगों को निर्वासित करने का पूरा कानूनी अधिकार है, लेकिन उन्हें इस तरह अचानक सैन्य विमान में हथकड़ी लगाकर भेजना भारत का अपमान है, यह भारतीयों की गरिमा का अपमान है" थरूर ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब हमारे लोगों को डिपोर्ट किया गया है. अभी चर्चा इसलिए हुई क्योंकि ट्रम्प ने लोगों की अपेक्षा से थोड़ा जल्दी यह कर दिया है. लेकिन पिछले साल ही, बिडेन प्रशासन के तहत, 1100 से ज्यादा भारतीयों को वापस भेजा गया था.
डंकी रास्ते से अमेरिका पहुंचे थे भारतीय
गौरतलब है कि अमेरिका ने अवैध प्रवासियों पर ऐक्शन के तहत 104 भारतीयों को डिपोर्ट किया है. इन 104 भारतीयों में 33 हरियाणा से हैं. हरियाणा के इन 33 लोगों में 7 लोग करनाल जिले के अलग-अलग गांवों से हैं. ये वे लोग हैं, जिन्होंने अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए डंकी रास्ते से अमेरिका जाकर पैसा कमाने का रास्ता चुना. इन लोगों ने अपना घर गिरवी रखा, ज़मीन बेची और कर्ज उठाया था.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

राज्यपाल से मिले नीतीश, उधर विधायकों संग एक्टिव हुए निशांत; JDU में नई सियासी पटकथा लिखने की तैयारी तेज
नीतीश के राज्यसभा जाने पर JDU में बेचैनी, सरयू राय बोले- ऐसा लगता है जैसे उन्हें ‘शेल्टर’ में भेज दिया गया



Leave a comment