
कहीं जलमीनार ने तो नहीं करवा दिया सचिव का तबादला !
डिजाइन में गड़बड़ी बताकर ठेकेदार को बचाने का हर संभव प्रयास किया गया. IIT बाम्बे और IIT मद्रास से रिपोर्ट मंगवाया गया, जिसमें बताया गया कि डिजाइन में कोई त्रुटि नहीं थी. इसके बाद भी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. IIT दिल्ली की रिपोर्ट के बाद कोई ऑप्शन नहीं बचा तब ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निकाला गया.



















































