हेमंत कैबिनेट की बड़ी बैठक: DA बढ़ोतरी, स्वास्थ्य, खेती और रोजगार पर फोकस
झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुपालकों, कलाकारों और व्यापारियों पर पड़ेगा.

Ranchi: झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुपालकों, कलाकारों और व्यापारियों पर पड़ेगा. सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी, अबुआ दवाखाना योजना की शुरुआत, बड़े स्तर पर जैविक खेती को बढ़ावा देने, कौशल विकास और प्रशासनिक सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. इसके अलावा मेडिकल शिक्षा, पशुपालन, पंचायत विकास, रेल परियोजनाओं और आईटीआई अपग्रेडेशन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई. कैबिनेट के इन फैसलों को सरकार ने राज्य के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को DA बढ़ोतरी का तोहफा
कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई. सातवें केंद्रीय वेतनमान के तहत DA को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं छठे वेतनमान के कर्मचारियों के लिए इसे 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान में 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया है. सरकार के इस फैसले से हजारों सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा. महंगाई को देखते हुए लंबे समय से DA बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी. राज्य सरकार ने कहा कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और बढ़ती महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है.
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘अबुआ दवाखाना’ योजना
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘अबुआ दवाखाना’ योजना को मंजूरी दी है. इन केंद्रों में एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है. इसके अलावा पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अवधि को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है. कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न्स की वृत्तिका में संशोधन को भी मंजूरी दी. साथ ही झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा 2026 के गठन को भी स्वीकृति प्रदान की गई.
जैविक खेती और पशुपालन को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस
कैबिनेट ने राज्य में 1.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती के प्रमाणीकरण की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है. यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक तीन चरणों में लागू की जाएगी. इस पर करीब 3 अरब 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और झारखंड को जैविक खेती के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यवसायिक बकरा-बकरी पालन योजना के संचालन के लिए 4 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है.
कलाकारों, व्यापारियों और विस्थापितों को राहत
कैबिनेट ने 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों को 4 हजार रुपये मासिक निवृत्तिका देने की योजना को सरल बनाने का फैसला लिया. इसके लिए कलाकार की मासिक आय 8 हजार रुपये से कम होना जरूरी होगा. व्यापारियों को राहत देते हुए सरकार ने पेट्रोल, डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को त्रैमासिक रिटर्न और मासिक एब्सट्रैक्ट दाखिल करने की बाध्यता से मुक्त कर दिया है. सरकार ने कहा कि इन वस्तुओं पर वैट खरीद के समय ही जमा हो जाता है, इसलिए यह फैसला कारोबार को आसान बनाने के लिए लिया गया है. इसके साथ ही पुनर्वास नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भूमि और सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई भूमि के दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क माफ करने का निर्णय भी लिया गया.
दुमका एयरपोर्ट, रेल लाइन और आईटीआई अपग्रेडेशन को मंजूरी
कैबिनेट ने दुमका हवाई अड्डे से नियमित उड़ान सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ समझौते को मंजूरी दी. वहीं खूंटी जिले में लोधमा-फिसका लिंक रेल लाइन निर्माण के लिए 11.635 एकड़ जमीन साउथ ईस्टर्न रेलवे को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई. राज्य के आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई योजना को भी मंजूरी मिली. इसके अलावा पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांचवें राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत 244.80 करोड़ रुपये जिला परिषदों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे.
प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में राज्यपाल सचिवालय में पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई, जिसके बाद लोक भवन में कुल पदों की संख्या 193 हो जाएगी. वहीं गिरिडीह के बगोदर-सरिया अनुमंडल न्यायालय के लिए 20 और पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय के लिए 41 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई. इसके अलावा झारखंड सैंड माइनिंग अमेंडमेंट रूल्स 2026 और माइंस एंड मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम वर्जन 2.0 को भी मंजूरी दी गई. उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न वेब पोर्टलों के रखरखाव और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के भत्तों में वृद्धि जैसे प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली.

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