एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर रांची पहुंचीं झारखंड की 4 हॉकी स्टार, एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत
एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड की चार हॉकी खिलाड़ी सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग रांची लौटीं. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया.

रांची:- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद झारखंड में जश्न का माहौल है. जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस शानदार सफलता में झारखंड की चार खिलाड़ियों सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग की अहम भूमिका रही. रविवार को चारों खिलाड़ी जापान से बेंगलुरु होते हुए रांची पहुंचीं, जहां बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, परिजनों और खेलप्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के साथ चैंपियन बेटियों का स्वागत किया. एयरपोर्ट पर उमड़ी भीड़ ने खिलाड़ियों के प्रति लोगों के सम्मान और उत्साह को जाहिर किया. लंबे समय बाद मिली इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल भारतीय हॉकी को नई पहचान दी, बल्कि झारखंड की खेल प्रतिभा और यहां की समृद्ध हॉकी संस्कृति को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया.
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर चैंपियन बेटियों का भव्य स्वागत
स्वर्ण पदक जीतकर रांची पहुंचीं चारों खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे. हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. खिलाड़ियों के एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही पूरा परिसर उत्साह से भर गया. हॉकी स्टिक उठाकर और फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया.
माता-पिता से मिलकर भावुक हुईं सलीमा समेत चारों खिलाड़ी
स्वागत समारोह के दौरान भावुक पल तब आया, जब चारों खिलाड़ियों ने अपने माता-पिता और परिजनों से मुलाकात की. खिलाड़ियों ने परिवार के सदस्यों का आशीर्वाद लिया. इस दौरान परिजनों की खुशी और गर्व देखने लायक था. इसके बाद खिलाड़ियों को बुके और मिठाइयां देकर सम्मानित किया गया. उनकी उपलब्धि पर मौजूद लोगों ने जमकर खुशी जाहिर की.
सलीमा टेटे की कप्तानी में भारत ने रचा इतिहास
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में भारत ने फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से शिकस्त दी. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया. झारखंड की निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने भी टीम में अपनी अहम भूमिका निभाई और देश को गौरवान्वित किया.
हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने किया सम्मानित
स्वागत समारोह में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी, कोषाध्यक्ष अस्रिता लकड़ा, महानिदेशक विजय शंकर सिंह, माइकल लाल और दुलारी टोपनो समेत कई खेल पदाधिकारी मौजूद रहे. झारखंड की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी सावित्री पूर्ति, सुमराय टेटे, विभिन्न जिलों के हॉकी प्रतिनिधि, प्रशिक्षक और सैकड़ों खिलाड़ी भी इस मौके पर पहुंचे. सभी ने चैंपियन खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धि की सराहना की.
झारखंड की नई पीढ़ी के लिए बनीं प्रेरणा
सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग की ऐतिहासिक उपलब्धि झारखंड की उभरती हॉकी प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. राज्य में हॉकी के प्रति लंबे समय से मौजूद जुनून और खिलाड़ियों के संघर्ष को इस जीत ने नई पहचान दी है. चारों खिलाड़ियों का भव्य स्वागत झारखंड की खेल संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक बना. उनकी सफलता से राज्य की नई पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का प्रोत्साहन मिलेगा.




