अमिताभ कौशल बार-बार क्यों? संकट सुलझाने की क्षमता या सिस्टम को बचाने की सुविधा?
झारखंड में हर बड़े संकट के बाद एक ही अधिकारी का चेहरा सामने आने लगा है—अमिताभ कौशल. परीक्षा घोटाले से लेकर ट्रेजरी और अन्य विवादों तक उन्हें समिति और सुधार की जिम्मेदारी मिलती रही है. सवाल यह है कि क्या बार-बार समिति बनाना ही समाधान है.









