Breaking: JSSC ऑफिस में CID का छापा, CGL विवाद से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही जांच टीम
JSSC CGL परीक्षा विवाद के बीच नामकुम स्थित JSSC कार्यालय में CID ने छापा मारा है. टीम दस्तावेजों और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की जानकारी भी सामने आई है. इसी बीच JPSC-JSSC मामले को लेकर आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच आज अहम वार्ता होनी है.


Ranchi: JSSC-CGL परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को नामकुम स्थित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) कार्यालय में CID की टीम पहुंची. जांच टीम ने आयोग के दस्तावेज खंगाले और सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की. कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब JPSC-JSSC मामले को लेकर छात्र 24 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और आज ही सरकार के साथ उनकी अहम वार्ता भी होनी है. छात्रों की मुख्य मांग JSSC परीक्षा रद्द करने और JPSC पेपर लीक मामले की CBI जांच की है. ऐसे में JSSC कार्यालय में CID की कार्रवाई ने पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. जांच एजेंसी की कार्रवाई का फोकस परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड पर बताया जा रहा है. वहीं, आंदोलनकारी छात्रों की नजर आज होने वाली वार्ता पर है. अगर बातचीत में कोई ठोस रास्ता नहीं निकलता है, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान पहले से किया जा चुका है.
दस्तावेजों की पड़ताल
JSSC-CGL विवाद की जांच के सिलसिले में CID की टीम सोमवार को आयोग के नामकुम कार्यालय पहुंची. टीम ने कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की. रिपोर्ट के मुताबिक, JSSC सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की गई है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब परीक्षा को लेकर छात्रों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. जांच एजेंसी की मौजूदगी से आयोग के स्तर पर भी हलचल बढ़ी है. हालांकि, जांच के इस चरण में टीम ने किन दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया या पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
सचिव के घर पहले भी हुई थी छापेमारी
JSSC कार्यालय में CID की कार्रवाई से पहले सचिव सुधीर गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी की जानकारी सामने आई थी. अब आयोग के कार्यालय में पहुंचकर दस्तावेजों की जांच किए जाने से जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है. छात्र लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए. जांच एजेंसी की मौजूदा कार्रवाई के बाद छात्रों की नजर इस बात पर है कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और इससे परीक्षा की वैधता को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या असर पड़ता है.
CGL के हर चयनित अभ्यर्थी की जांच की बात
मिली जानकारी के अनुसार CID की जांच JSSC-CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेजों तक भी पहुंच सकती है. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान चयनित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी. किसी अभ्यर्थी के खिलाफ गड़बड़ी या अनियमितता से जुड़ा ठोस साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, जांच अभी चल रही है और किसी अभ्यर्थी को दोषी ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा. फिलहाल जांच का मकसद परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ना और रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करना है.
आज सरकार और छात्रों की अहम वार्ता, दो मांगों पर नजर
CID की कार्रवाई के बीच आज दोपहर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच महत्वपूर्ण वार्ता भी प्रस्तावित है. स्टेट गेस्ट हाउस में होने वाली बैठक में सरकार की तरफ से चार मंत्री शामिल होंगे. छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बातचीत करेगा, जिसमें कानूनी जानकार भी शामिल है. छात्रों की दो प्रमुख मांगें हैं—JPSC पेपर लीक मामले की CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना. सरकार की ओर से अब तक JPSC मामले में CID जांच का हवाला दिया जाता रहा है, जबकि CGL रद्द करने को लेकर कानूनी अड़चन की बात कही गई है. इसलिए आज की बातचीत में असली टकराव इन्हीं दो बिंदुओं पर रहने की संभावना है.
वार्ता का नतीजा तय करेगा आंदोलन की अगली दिशा
छात्र आंदोलन अब 24वें दिन में है और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी हैं. पिछली बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद आज की बैठक को निर्णायक माना जा रहा है. छात्रों ने साफ किया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, हालांकि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी रहेगी. अगर आज सरकार और छात्रों के बीच कोई ठोस सहमति बनती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है. लेकिन बातचीत बेनतीजा रही तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम आंदोलन का अगला बड़ा चरण होगा.
ऐसे में सोमवार का दिन दो मोर्चों पर महत्वपूर्ण है—एक तरफ JSSC कार्यालय में CID की जांच आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुला है. अब सवाल यही है कि जांच और वार्ता, दोनों में से कौन-सा रास्ता छात्रों के लंबे समय से चले आ रहे विवाद को समाधान तक पहुंचाता है.

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