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(300 खबरें)
‘आपातकाल की झलक’— भैरव सिंह मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया
झारखंड

‘आपातकाल की झलक’— भैरव सिंह मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया

झारखंड हाईकोर्ट में हिंदूवादी नेता भैरव सिंह से जुड़े मामले में अहम सुनवाई हुई. यह मामला झारखंड अपराध अधिनियम के तहत भैरव सिंह को निरुद्ध किए जाने से जुड़ा है, जिसे चुनौती देते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी.

Air India की दिल्ली–मुंबई फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन में आई तकनीकी खराबी
राज्य

Air India की दिल्ली–मुंबई फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन में आई तकनीकी खराबी

Air India के अनुसार, फ्लाइट AI-887 ने सोमवार, 22 दिसंबर को सुबह करीब 6:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी. उड़ान के दौरान तकनीकी अलर्ट मिलने पर विमान को लगभग 6:52 बजे सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार लिया गया.

JHARKHAND BJP कन्फ्यूज! छात्रवृत्ति मुद्दे पर रांची से दिल्ली तक अलग-अलग तस्वीर
राजनीति

JHARKHAND BJP कन्फ्यूज! छात्रवृत्ति मुद्दे पर रांची से दिल्ली तक अलग-अलग तस्वीर

एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने छात्रवृत्ति भुगतान में देरी को लेकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर इसी मुद्दे पर हेमंत सरकार के मंत्री चमरा लिंडा को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से सकारात्मक आश्वासन मिल गया.

झारखंड में सुबह 4 बजे तक बार खोलने की तैयारी, विशेष लाइसेंस पर मिलेगा देर रात संचालन का अधिकार
झारखंड

झारखंड में सुबह 4 बजे तक बार खोलने की तैयारी, विशेष लाइसेंस पर मिलेगा देर रात संचालन का अधिकार

राज्य सरकार बार संचालन के समय में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. प्रस्तावित नई नीति के तहत आने वाले वित्तीय वर्ष से बार सुबह 4 बजे तक खुले रह सकेंगे.

रिम्स मामले में रेरा से रजिस्ट्रार तक सवालों के घेरे में, मरांडी बोले: हेमंत सरकार का भ्रष्ट तंत्र जिम्मेदार
राजनीति

रिम्स मामले में रेरा से रजिस्ट्रार तक सवालों के घेरे में, मरांडी बोले: हेमंत सरकार का भ्रष्ट तंत्र जिम्मेदार

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए सरकार के संरक्षण में काम कर रहे भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेदार हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी जमीन पर फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे हो गई और म्यूटेशन इतनी आसानी से कैसे कर दिया गया, जबकि आम आदमी को इसके लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है.

सारंडा के कुख्यात नक्सली पतिराम मांझी तक पहुंची NIA की जांच, 4,000 किलो विस्फोटक लूट मामले में बड़ा खुलासा
झारखंड

सारंडा के कुख्यात नक्सली पतिराम मांझी तक पहुंची NIA की जांच, 4,000 किलो विस्फोटक लूट मामले में बड़ा खुलासा

ओडिशा के राउरकेला में हुए 4,000 किलोग्राम विस्फोटक लूट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने महत्वपूर्ण प्रगति की है. जांच में यह सामने आया है कि लूटे गए विस्फोटक झारखंड के सारंडा जंगल में सक्रिय नक्सली नेटवर्क तक पहुंचाए गए थे.

कैबिनेट की अहम बैठक: 33 प्रस्ताव मंजूर, सड़क निर्माण से लेकर नए कॉलेज तक शामिल
झारखंड

कैबिनेट की अहम बैठक: 33 प्रस्ताव मंजूर, सड़क निर्माण से लेकर नए कॉलेज तक शामिल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हुई. बैठक में कुल 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

बिहार में बुलडोजर एक्शन पर सियासत,  विधानसभा तक पहुंचा मामला
बिहार

बिहार में बुलडोजर एक्शन पर सियासत, विधानसभा तक पहुंचा मामला

नई सरकार आने के साथ ही प्रशासन का रवैया कड़ा हुआ और अवैध निर्माणों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई. नालंदा से लेकर पटना तक सरकारी जमीन पर बने तमाम ढांचों को गिराए जाने से हड़कंप मचा हुआ है.

बिहार विधानसभा में अनोखा दृश्य, नए अध्यक्ष को CM नीतीश और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने मिलकर पहुंचाया आसन तक
बिहार

बिहार विधानसभा में अनोखा दृश्य, नए अध्यक्ष को CM नीतीश और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने मिलकर पहुंचाया आसन तक

NDA गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद BJP विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया था और मंगलवार को वे निर्विरोध स्पीकर चुने गए.

23 साल तक आतंक फैलाने वाला रामदेव उरांव हुआ गिरफ्तार या सरेंडर? रहस्य बरकरार
झारखंड

23 साल तक आतंक फैलाने वाला रामदेव उरांव हुआ गिरफ्तार या सरेंडर? रहस्य बरकरार

केंद्रीय खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि रांची से आई एक विशेष टीम की मौजूदगी में रामदेव उरांव को रांची लाया गया है और उससे पूछताछ जारी है. इलाके में इस खबर के फैलते ही चर्चा का बाजार गर्म हो गया है.

बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, नए स्पीकर के चुनाव पर सबकी नजरें
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बिहार

बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, नए स्पीकर के चुनाव पर सबकी नजरें

करीब 10 साल बाद ऐसा अवसर है जब सदन में सत्तापक्ष के 200 से अधिक विधायक बैठेंगे, जबकि विपक्ष मात्र 38 विधायकों के साथ मौजूद होगा.