अब सरकार के पाले में गेंद... JPSC अभ्यर्थियों ने बातचीत के लिए तय किए अपने प्रतिनिधि
“रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे JPSC अभ्यर्थियों के अनिश्चितकालीन अनशन के बीच सरकार से वार्ता की तैयारी शुरू हो गई है. छात्रों ने अपना प्रतिनिधिमंडल तय कर सरकार को सूची भेज दी है. हालांकि आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन अब छात्र अपनी मांगों को बातचीत की मेज पर भी रखने को तैयार हैं.”

Ranchi: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन और धरने के बीच आखिरकार बातचीत की दिशा में एक बड़ा कदम उठ गया है. जेपीएससी अभ्यर्थियों ने सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल तय कर उसकी सूची सरकार को भेज दी है. हालांकि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है और छात्र अपनी मांगों पर पहले की तरह अडिग हैं, लेकिन प्रतिनिधियों के चयन ने यह संकेत जरूर दिया है कि अब लड़ाई सिर्फ सड़क पर नहीं, बातचीत की मेज पर भी लड़ी जाएगी. खास बात यह है कि छात्रों ने वार्ता के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल भी तय किया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि बातचीत में उनकी ओर से केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी बातें रखेंगे, जबकि साथ मौजूद पत्रकार और कानूनविद केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे. अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.
वार्ता से पहले छात्रों ने तय किया अपना प्रोटोकॉल
सरकार के साथ प्रस्तावित बातचीत को लेकर छात्रों ने अपना आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल घोषित कर दिया है. इसके साथ ही वार्ता को लेकर कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. छात्रों ने कहा है कि प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद पत्रकार और कानूनविद केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे. बैठक के दौरान किसी भी मांग, तथ्य या पक्ष को सिर्फ छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने रखेंगे. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पत्रकार प्रतिनिधि वार्ता स्थल के भीतर किसी प्रकार का माइक, कैमरा, रिकॉर्डिंग डिवाइस या अन्य प्रसारण उपकरण लेकर प्रवेश नहीं करेंगे. पूरी बातचीत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से छात्रों के नेतृत्व में होगी.
ये हैं वार्ता के लिए चुने गए प्रतिनिधि
छात्र प्रतिनिधि
- रविन्द्र पासवान
- पीयूष कुमार सिंह
- रविन्द्र कुमार रवि
- राजेश प्रसाद
- नीतू कुजूर
- कार्तिक सोरेन
- संदीप कुमार
- शालू सिंह
पत्रकार प्रतिनिधि (अभिभावक के रूप में)
- शंभूनाथ चौधरी
- विकास वर्मा
कानूनविद (अभिभावक के रूप में)
- अजीत कुमार
अब सरकार के जवाब का इंतजार
प्रतिनिधिमंडल की सूची भेजे जाने के बाद अब अगला कदम सरकार की ओर से उठाया जाना है. छात्र पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनका आंदोलन और अनशन फिलहाल जारी रहेगा. ऐसे में प्रस्तावित वार्ता को लेकर दोनों पक्षों की अगली पहल पर सबकी नजरें टिकी हैं. जेपीएससी विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा आंदोलन अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां सड़क पर संघर्ष और बातचीत की मेज—दोनों साथ-साथ चल रहे हैं. अब यह देखना अहम होगा कि यह संवाद समाधान का रास्ता खोलता है या आंदोलन का अगला अध्याय और ज्यादा तीखा होता है.

