पटाखों के जहरीले धुएं से बचें, सांसों वाली दिवाली मनाएं: बीएड शिक्षार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
देवघर के एएस बीएड कॉलेज में दीपावली के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. विद्यार्थियों ने ‘जहरीले धुएं वाली दिवाली नहीं, सांसों वाली दिवाली मनाएं’ का संदेश देते हुए सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की.

देवघर:- दीपावली के त्योहार को खुशियों और रोशनी के साथ पर्यावरण के अनुकूल बनाने की अपील को लेकर देवघर के एएस बीएड कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान बीएड शिक्षार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक किया. प्रो. बबीता कुमारी के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक का शीर्षक ‘जहरीले धुएं वाली दिवाली नहीं, सांसों वाली दिवाली मनाएं’ रखा गया था. शिक्षार्थियों ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि पटाखों का अत्यधिक इस्तेमाल पर्यावरण के साथ-साथ लोगों की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दीप जलाकर और आकर्षक रंगोली बनाकर दीपावली की खुशियां साझा कीं. कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्राध्यापकों और शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्राचार्य डॉ. त्रिपुरारी प्रसाद सिंह ने विद्यार्थियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना भी जरूरी है.
नुक्कड़ नाटक से पटाखों के नुकसान बताए
प्रो. बबीता कुमारी के निर्देशन में बीएड शिक्षार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए प्रदूषण मुक्त दीपावली का संदेश दिया. प्रस्तुति में पटाखों से निकलने वाले धुएं और तेज आवाज के कारण होने वाली परेशानियों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया.
शिक्षार्थियों ने बताया कि पटाखों का अधिक इस्तेमाल हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है और ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ाता है. इससे सांस संबंधी परेशानी सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा पैदा हो सकता है.
दीप जलाकर सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील
नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों से पटाखों के इस्तेमाल से बचने और दीप जलाकर त्योहार मनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि दीपावली की असली खुशी अपनों के साथ समय बिताने, खुशियां बांटने और प्रकृति को सुरक्षित रखने में है.
इस प्रस्तुति में सुनीता, ममता, नवेदिता, अरुण, सौरभ, सुमित, कुंदन, अजय, जितेश, अभिषेक, अनमोल और संदीपन ने भाग लिया.
रंगोली और दीपोत्सव से सजा कॉलेज परिसर
जागरूकता कार्यक्रम के साथ कॉलेज में दीपोत्सव का भी आयोजन किया गया. विद्यार्थियों ने मिलकर रंग-बिरंगी रंगोली बनाई, जिससे परिसर में त्योहार का आकर्षक माहौल देखने को मिला.
रंगोली बनाने में सुमित, दीक्षा, रिया, प्रीति, चैताली, मनीषा, नारायणी, शिक्षा और सत्यम सहित अन्य विद्यार्थियों ने योगदान दिया. सभी ने दीप जलाकर दीपावली की खुशियां साझा कीं.
प्राचार्य ने विद्यार्थियों के प्रयासों को सराहा
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. त्रिपुरारी प्रसाद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव की शुरुआत की. उन्होंने शिक्षार्थियों और प्राध्यापकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रयास सराहनीय हैं.
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना भी है.
प्राध्यापकों और शिक्षार्थियों ने लिया हिस्सा
इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. राजेश राज, डॉ. अभय कुमार सिंह, डॉ. विनीता रानी, डॉ. कुमारी अनुराधा, डॉ. मौसमी मुखर्जी, डॉ. अंजना यादव, प्रो. उमा सिंह, डॉ. हरिपद महतो, डॉ. अशोक किस्कू और प्रो. श्रीधर मुंडा सहित बीएड के सभी शिक्षार्थी मौजूद रहे.
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि दीपावली को पर्यावरण की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाना जरूरी है. पटाखों से दूरी बनाकर और दीपों की रोशनी के साथ त्योहार मनाने से खुशियों के साथ स्वच्छ वातावरण का संकल्प भी पूरा किया जा सकता है.

