माता-पिता की स्मृति को शिक्षा और संस्कारों से किया जीवंत, सरस्वती विद्या मंदिर में खेलकूद प्रतियोगिताओं की धूम
देवघर के राम प्रसाद बरनवाल सरस्वती शिशु मंदिर विद्या मंदिर में संस्थापक राम प्रसाद बरनवाल और उनकी पत्नी सावित्री देवी की 11वीं पुण्यतिथि मनाई गई. इस अवसर पर खेलकूद एवं संगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ. पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि शिक्षादान से बड़ा कोई दान नहीं है.

Deoghar: माता-पिता की स्मृतियों को शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा के माध्यम से जीवंत रखने की प्रेरक पहल देवघर में देखने को मिली. शहर के प्रखंड मुख्यालय स्थित राम प्रसाद बरनवाल सरस्वती शिशु मंदिर विद्या मंदिर में संस्थापक राम प्रसाद बरनवाल एवं उनकी पत्नी सावित्री देवी की 11वीं पुण्यतिथि मनाई गई. इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा के साथ खेलकूद और संगीत प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.
विद्यालय के संस्थापक दंपती के पुत्र दिलीप कुमार बरनवाल एवं विद्यालय परिवार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि शिक्षादान से बड़ा कोई दान नहीं होता. उन्होंने कहा कि माता-पिता के संस्कारों को शिक्षा और समाजसेवा के माध्यम से आगे बढ़ाना सराहनीय कार्य है. आज के समय में बहुत कम लोग अपने माता-पिता की स्मृतियों को इस तरह संजोकर रखते हैं. उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय के आचार्य शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी दे रहे हैं. उन्होंने विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
विद्यालय के सचिव भूपाल प्रसाद सिंह ने स्थापना से लेकर वर्तमान स्वरूप तक के सफर की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में किराये के मकान में सीमित संसाधनों के साथ विद्यालय का संचालन किया जाता था. कई कठिनाइयों के बावजूद सहयोगियों के प्रयास से आज विद्यालय के पास अपनी जमीन और भवन है. इसमें दिलीप कुमार बरनवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वहीं दिलीप कुमार बरनवाल ने बताया कि अभियंता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने समाजसेवा को प्राथमिकता दी. माता-पिता की स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से विद्यालय की स्थापना में सहयोग किया और हर वर्ष पुण्यतिथि पर बच्चों के बीच रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं.
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दिलीप कुमार बरनवाल, सुनीता सिंह, बलराम पोद्दार और सुधीर कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. इसके अलावा विद्यालय के संरक्षक बलराम पोद्दार, भाजपा जिला महामंत्री सुनीता सिंह, राजेश सिंह, वीरेंद्र नाथ पांडेय और आरके सिंह ने भी कार्यक्रम में भाग लिया. आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय समिति के सदस्य श्रीकांत वर्मा, जिया नाग, उमाशंकर बरनवाल, प्राचार्य फणीभूषण झा, आचार्य सुभाष सिंह और निशिकांत झा सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. विद्यालय के शिक्षकों ने खेलकूद एवं संगीत प्रतियोगिताओं के संचालन में सहयोग किया. कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि माता-पिता का सच्चा सम्मान उनके आदर्शों को शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा के माध्यम से अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में है.

