निशा भगत की मौत आत्महत्या नहीं, सरकार की नाकामी से हुई हत्या : ध्रुव प्रसाद साह
भाजपा नेता ध्रुव प्रसाद साह ने आदिवासी महिला नेत्री निशा कुमारी भगत की मौत को सरकार की नाकामी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है. उन्होंने मामले की सीबीआई जांच या हाईकोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

Deoghar: झारखंड की आदिवासी महिला नेत्री निशा कुमारी भगत की मौत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेता ध्रुव प्रसाद साह ने घटना पर दुख जताते हुए हेमंत सोरेन सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि निशा भगत की मौत महज आत्महत्या नहीं, बल्कि सरकार की नाकामी, प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की संवेदनहीनता का परिणाम है. उनके अनुसार, निशा ने मौत से पहले फेसबुक लाइव के जरिए सरकार, प्रशासन और संबंधित थाना प्रभारी के सामने अपनी पीड़ा रखी थी और न्याय की गुहार लगाई थी.
फेसबुक लाइव के बावजूद नहीं मिली मदद : ध्रुव प्रसाद साह
ध्रुव प्रसाद साह ने आरोप लगाया कि निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान थाना प्रभारी को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिली. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक आदिवासी बेटी को न्याय मांगने के लिए सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी जान क्यों गंवानी पड़ी? उन्होंने कहा कि निशा की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई और फेसबुक लाइव के दौरान मदद क्यों नहीं पहुंचाई गई? साह ने राज्य सरकार से आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों पर प्रशासन की जवाबदेही को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की.
सीबीआई जांच या हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
भाजपा नेता ने निशा कुमारी भगत की मौत की सीबीआई जांच अथवा हाईकोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों के हर बिंदु की जांच होनी चाहिए. यदि किसी अधिकारी, नेता, दलाल या अन्य व्यक्ति की भूमिका अथवा प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने समेत उचित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए. ध्रुव प्रसाद साह ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए निशा भगत को श्रद्धांजलि अर्पित की और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की.

