भाजपा लाखोरिया मंडल की बैठक में ग्रामीण समस्याओं पर मंथन, योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर
देवघर में भाजपा लाखोरिया मंडल की मासिक बैठक में किसान, गरीब, दलित और वंचित वर्गों की समस्याओं पर चर्चा हुई. पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया.

देवघर:- ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच को लेकर भाजपा लाखोरिया मंडल की मासिक बैठक में चर्चा हुई. शनिवार को डकाय स्थित दुबे बाबा मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ गांवों में रहने वाले किसान, गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाए गए. मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अलग-अलग पंचायतों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखा. कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक इसका सीधा फायदा पहुंचना चाहिए. इसके लिए पंचायत स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने और पात्र लोगों को उनका हक दिलाने की जरूरत बताई गई. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में डकाय दुबे बाबा मंदिर के पुजारी रोशन मिश्रा और पूर्व प्रखंड अध्यक्ष गौतम राय मौजूद रहे.
पंचायतों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने उठाए स्थानीय मुद्दे
बैठक में विभिन्न पंचायतों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने इलाके की समस्याओं को प्रमुखता से रखा. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को हो रही परेशानियों और उनकी जरूरतों पर चर्चा की गई. कार्यकर्ताओं ने कहा कि गांवों में कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनका समाधान समय पर होना जरूरी है. इन मुद्दों को संबंधित अधिकारियों और प्रशासन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया. वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय समस्याओं की सही जानकारी तभी मिल सकती है, जब पार्टी के कार्यकर्ता लगातार ग्रामीणों के संपर्क में रहें और उनकी बात सुनें.
किसान, दलित और वंचित वर्गों के मुद्दे केंद्र में
बैठक में किसानों के साथ-साथ दलित, गरीब, पिछड़े और वंचित समुदायों से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया. वक्ताओं ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाना चाहिए. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ऐसे परिवारों की जरूरतों को समझना और उनकी परेशानियों के समाधान के लिए पहल करना जरूरी है. कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करें, जिन्हें सरकारी सहायता या प्रशासनिक सहयोग की जरूरत है.
पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. कार्यकर्ताओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानने पर जोर दिया. उनका कहना था कि योजनाओं का लाभ उन्हीं लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिनके लिए इनकी शुरुआत की गई है. कई बार जानकारी के अभाव या दूसरी परेशानियों के कारण पात्र लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में पंचायत स्तर पर योजनाओं की जानकारी जुटाकर जरूरतमंदों को उनका लाभ दिलाने की दिशा में काम करने की बात कही गई.
अधिकारियों तक पहुंचाई जाएंगी ग्रामीणों की समस्याएं
बैठक में इस बात पर भी सहमति जताई गई कि ग्रामीणों की समस्याओं को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा. कार्यकर्ता अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर उनकी शिकायतों और जरूरतों की जानकारी लेंगे. इसके बाद संबंधित विभागों और अधिकारियों तक इन मुद्दों को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि संगठन की सक्रियता का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब आम लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी.
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की अपील
बैठक के अंत में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं को गांवों में सक्रिय रहने और आम लोगों के बीच अपनी मौजूदगी बनाए रखने की बात कही गई. वक्ताओं ने कहा कि पार्टी की मजबूती कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता के साथ उनके जुड़ाव पर निर्भर करती है. कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए. बैठक में योगेश्वर प्रसाद राय, महामंत्री कुंदन राय, दयानंद राय, श्रीकांत राय, चंदन राय, सुबोध राय और दुलाल मलिक सहित विभिन्न पंचायतों के कार्यकर्ता मौजूद थे.

