दुबई में तीन महीने से फंसे बगोदर के रामेश्वर की हुई वतन वापसी, दिल्ली पहुंचते ही परिवार ने ली राहत की सांस
“दुबई में तीन महीने से अधिक समय से फंसे बगोदर के रामेश्वर दास आखिरकार भारत लौट आए हैं. शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचने के बाद अब उन्हें अटका गांव लाने की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद उनकी वापसी की प्रक्रिया तेज हुई थी.”

दुबई में तीन महीने से अधिक समय तक फंसे बगोदर के प्रवासी मजदूर रामेश्वर दास आखिरकार भारत लौट आए हैं. अटका गांव निवासी रामेश्वर शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे, जिसके बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली. रामेश्वर के सुरक्षित भारत पहुंचने की खबर मिलते ही गांव में भी खुशी का माहौल है. अब दिल्ली से उन्हें अटका गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और परिजन उनके पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं. रामेश्वर की वापसी के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य प्रवासी प्रकोष्ठ ने यूएई स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क किया तथा दस्तावेज भेजे. मामले में समाजसेवी सिकंदर अली ने परिवार की परेशानी को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में पहल की थी. अब रामेश्वर के गांव लौटने का इंतजार है.
छह मई को टूरिस्ट वीजा पर दुबई गए थे रामेश्वर
रामेश्वर दास गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के अटका गांव के रहने वाले हैं. परिवार के अनुसार वह रोजी-रोटी की तलाश में छह मई को एक ठेकेदार के माध्यम से टूरिस्ट वीजा पर दुबई गए थे. वहां पहुंचने के बाद से ही वह परेशानियों में फंस गए और करीब तीन महीने से अधिक समय तक घर लौट नहीं सके. परिवार का कहना था कि रामेश्वर रोजगार की तलाश में कर्ज लेकर विदेश गए थे. लंबे समय तक वापसी नहीं होने और लगातार बढ़ती परेशानी के बीच परिवार की चिंता तब और बढ़ गई, जब पांच दिनों से उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया. परिजनों ने सरकार से उन्हें सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई. मामले की जानकारी सामने आने के बाद राज्य स्तर पर उनकी वापसी के लिए कार्रवाई शुरू की गई.
सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
रामेश्वर दास के दुबई में फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य प्रवासी प्रकोष्ठ को मामले का संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद प्रकोष्ठ की टीम ने यूएई स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से संपर्क किया. अधिकारियों और रामेश्वर के परिजनों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई. प्रकोष्ठ की टीम लीडर शिखा लकड़ा ने बताया था कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. रामेश्वर की वापसी के लिए आवश्यक दस्तावेज भी भेजे गए थे. इसी बीच प्रवासी मजदूरों के मुद्दों पर सक्रिय समाजसेवी सिकंदर अली ने रविवार को अटका गांव पहुंचकर रामेश्वर के परिजनों से मुलाकात की थी. उन्होंने परिवार की परेशानी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर अपील की थी.
दिल्ली पहुंचे रामेश्वर, अब गांव लौटने का इंतजार
रामेश्वर दास के शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचने की खबर मिलते ही उनके परिवार में खुशी का माहौल बन गया. लंबे इंतजार और चिंता के बाद उनके भारत लौटने से परिजनों ने राहत की सांस ली है. अब दिल्ली से उन्हें अटका गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. परिवार और ग्रामीण उनके गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि लंबे समय बाद रामेश्वर से मुलाकात हो सके. रामेश्वर की सुरक्षित वापसी की खबर गांव में पहुंची और लोगों ने खुशी जताई. प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली ने उनकी वतन वापसी पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने रामेश्वर के सकुशल लौटने को संतोष की बात बताया. अब सबकी नजरें दिल्ली से अटका तक के सफर पर हैं. रामेश्वर के घर पहुंचते ही परिवार की चली आ रही चिंता खत्म होगी.



