झारखंड हाईकोर्ट को मिले तीन नए जज, मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने ली शपथ
“झारखंड हाईकोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिले हैं. मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. तीनों जिला न्यायपालिका में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुके हैं.”

Ranchi:- झारखंड हाईकोर्ट को बुधवार को तीन नए न्यायाधीश मिले. गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद, साहिबगंज के पीडीजे अखिल कुमार और डालटनगंज के पीडीजे राम शर्मा ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक ने तीनों को बारी-बारी से शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह हाईकोर्ट परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर आयोजित हुआ. इससे पहले रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा ने नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना और वारंट का पाठ किया. तीनों की नियुक्ति को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने अधिसूचित किया था. इनके शपथ लेने के बाद झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो गई है.
तीनों न्यायाधीशों ने संभाली नई जिम्मेदारी
शपथ ग्रहण के दौरान हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के अलावा अधिवक्ता और नवनियुक्त न्यायाधीशों के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में सबसे पहले मनोज प्रसाद ने शपथ ली. इसके बाद अखिल कुमार और फिर राम शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. तीनों न्यायाधीश झारखंड की जिला न्यायपालिका में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तौर पर काम कर चुके हैं. मनोज प्रसाद गढ़वा में, अखिल कुमार साहिबगंज में और राम शर्मा डालटनगंज में पीडीजे के पद पर तैनात थे. तीनों के नाम पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में सहमति जताते हुए हाईकोर्ट में नियुक्ति की सिफारिश की थी. इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई.
25 स्वीकृत पदों में अब भी 9 पद खाली
तीन नई नियुक्तियों के बाद झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 16 हो गई है, जबकि अदालत में न्यायाधीशों के कुल 25 पद स्वीकृत हैं. यानी अभी भी 9 पद रिक्त हैं. नई नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट की बेंच में जिला न्यायपालिका से आए तीन अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की संख्या बढ़ी है. मनोज प्रसाद ने 1999 में अधिवक्ता के रूप में करियर शुरू किया था और बाद में न्यायिक सेवा में आए. अखिल कुमार ने भी 1999 में वकालत शुरू की और 2012 में सीधे जिला न्यायाधीश के रूप में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया. राम शर्मा ने दिल्ली में वकालत की और न्यायिक सेवा में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं. अब तीनों हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य और संवैधानिक मामलों की सुनवाई की नई जिम्मेदारी निभाएंगे.
जिला अदालतों से हाईकोर्ट तक पहुंचा तीनों का अनुभव
नवनियुक्त न्यायाधीशों के न्यायिक करियर की शुरुआत अलग-अलग पृष्ठभूमि से हुई, लेकिन तीनों ने जिला न्यायपालिका में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. मनोज प्रसाद ने देवघर जिला न्यायालय में वकालत की और बाद में झारखंड न्यायिक सेवा में विभिन्न पदों पर काम किया. अखिल कुमार ने पटना हाईकोर्ट और जिला अदालत में सिविल तथा आपराधिक मामलों की पैरवी की, जिसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में प्रवेश किया. वहीं राम शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट और दिल्ली की जिला अदालतों में सिविल और आपराधिक मामलों में वकालत की. हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले तीनों अलग-अलग जिलों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में न्यायिक प्रशासन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब इनका अनुभव झारखंड हाईकोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा होगा.




