आदिवासी महिला से कथित दुर्व्यवहार मामले में चांडिल के एएसआई निलंबित, वायरल वीडियो के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन
“सरायकेला-खरसावां के चांडिल थाना क्षेत्र में एक आदिवासी महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एएसआई यमुना राम को निलंबित कर दिया गया है. मामले की विभागीय जांच अभी जारी है.”

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के रुचाप गांव से सामने आए एक विवादित मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित एएसआई को निलंबित कर दिया है. एक आदिवासी महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया. वीडियो सामने आने के बाद जिले की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लिया और प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए एएसआई यमुना राम को पुलिस केंद्र वापस बुलाया. इसके बाद पूरे मामले की जांच कराई गई. जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और दोषी पाए जाने पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया पुलिस प्रशासन
चांडिल थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित एएसआई यमुना राम को पुलिस केंद्र, सरायकेला बुलाने का निर्देश दिया. इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कराई गई.
महिला ने लगाए गंभीर आरोप
रुचाप गांव निवासी सोमवारी मुंडा ने पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ को लिखित शिकायत देकर एएसआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के अनुसार, पुलिस उनके भांजे बलराम सिंह मुंडा को हिरासत में लेने गांव पहुंची थी. इस दौरान जब उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया तो कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. महिला का आरोप है कि उन्हें डंडे से पीटा गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार भी किया गया.
जांच के बाद एएसआई पर गिरी निलंबन की गाज
प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस विभाग ने संबंधित एएसआई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की. रविवार को एएसआई यमुना राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. विभागीय स्तर पर यह कार्रवाई यह संकेत देती है कि पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना चाहता है.
विभागीय कार्रवाई और जांच रहेगी जारी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी रहेगी. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने यह भी कहा है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार के अनुचित आचरण या नियमों के उल्लंघन को स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है.



