
JPSC 11वीं से 13वीं और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर लगाई रोक
JPSC 11वीं से 13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

JPSC 11वीं से 13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

JSSC-JPSC की 22 परीक्षाएं रद्द होने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरी पर बड़ा कानूनी सवाल खड़ा हो गया है. क्या परीक्षा या विज्ञापन रद्द होने से सरकारी नौकरी भी अपने आप खत्म हो जाती है, या नियुक्त कर्मचारियों को हटाने के लिए सर्विस रूल के तहत अलग प्रक्रिया जरूरी है?

अरुणाचल प्रदेश में चीन के 60 किलोमीटर अंदर घुसने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे खारिज करते हुए कहा कि सीमा पर समस्या जरूर है, लेकिन चीनी सेना के 60 किलोमीटर अंदर आने या किसी भारतीय गांव पर कब्जे की बात गलत है.
मोदी कैबिनेट ने बुधवार को रेलवे और हाईवे से जुड़ी 13,041 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी. इनमें चार रेलवे प्रोजेक्ट और बिहार का मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा फोर-लेन हाईवे शामिल है.

प्रोजेक्ट भवन के अंदर घुसकर JSSC-CGL अभ्यर्थी फूट-फूटकर रोए. कल तक इसी ऑफिस में काम करने वाले युवा आज पुलिस की मौजूदगी में आंसू बहा रहे हैं. उन्होंने जयराम महतो, कुणाल प्रताप सिंह, कोचिंग माफिया और भीड़तंत्र पर तीखे सवाल उठाए.
JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की कार्रवाई तेज हो गई है. कांड संख्या 16/2026 में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. वहीं, एक अन्य कांड में अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी की गिरफ्तारी हुई है.
JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद्द होने के बाद भी विवाद थमा नहीं है. बाबूलाल मरांडी ने परीक्षा रद्द करने को पर्याप्त नहीं बताते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. उन्होंने JSSC चेयरपर्सन और CID जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी.
JSSC-CGL रद्द होने के बाद 24 दिन से जारी छात्र आंदोलन खत्म हो गया और देवेंद्र नाथ महतो समेत अनशन पर बैठे छात्रों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी. हालांकि, CBI जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग अब भी बनी हुई है.
झारखंड में हर बड़े संकट के बाद एक ही अधिकारी का चेहरा सामने आने लगा है—अमिताभ कौशल. परीक्षा घोटाले से लेकर ट्रेजरी और अन्य विवादों तक उन्हें समिति और सुधार की जिम्मेदारी मिलती रही है. सवाल यह है कि क्या बार-बार समिति बनाना ही समाधान है.

JPSC-JSSC विवाद में छात्रों और सरकार के बीच प्रस्तावित वार्ता नहीं हो सकी. 24 दिन से जारी आंदोलन के बीच अब सवाल है कि बातचीत क्यों टली और सरकार आगे क्या कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री स्तर पर मंत्रियों के साथ मंथन के बाद अगली पहल पर सबकी नजर है.

JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने वार्ता से पहले दो स्तर पर मंथन शुरू कर दिया है. CM हाउस में बैठक के बाद शाम 4:30 बजे प्रोजेक्ट भवन में फिर मंत्रियों की बैठक होगी. सवाल है कि सरकार छात्रों की CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर क्या रास्ता निकालती है.