जमुई केस में हाफ एनकाउंटर के बाद हड़कंप, मुख्य आरोपी को पकड़ने गई थी पुलिस
“बिहार के जमुई में नाबालिगों से कथित बदसलूकी और वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के दौरान गोली लगने से घायल होने की जानकारी दी है. पुलिस के मुताबिक आरोपी भागने और हमला करने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई. मामले की जांच सीआईडी कर रही है.”

पटना:- बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है. मंगलवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के दौरान गोली लगने से घायल होने की जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान आरोपी ने भागने के साथ पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी. घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई थी, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. अब सीआईडी की विशेष टीम भी मामले की जांच कर रही है. साथ ही पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो और पोस्ट के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई है.
मुख्य आरोपी को पकड़ने के दौरान पुलिस की कार्रवाई
जमुई पुलिस के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के लिए टीम कार्रवाई कर रही थी. इसी दौरान पुलिस ने उसके भागने और हमला करने की बात कही. पुलिस के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. घटना के बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई है. हालांकि पुलिस की ओर से बताई गई मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच आगे की प्रक्रिया का हिस्सा होगी.
सीआईडी ने संभाली जांच, आरोपियों की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है. सीआईडी की विशेष टीम जमुई पहुंचकर पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है. पुलिस वीडियो फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है. शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी, जबकि अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी रहने की बात पुलिस ने कही है.
वायरल वीडियो पर भी पुलिस का शिकंजा
जमुई मामले में पुलिस ने सिर्फ घटना में शामिल आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है. नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल इस कार्रवाई के दायरे में हैं. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग से जुड़ा वीडियो शेयर या फॉरवर्ड न करें. पुलिस का कहना है कि पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन गंभीर मामला है.
SIT के बाद जांच का दायरा हुआ और बड़ा
घटना के बाद पुलिस ने पहले ही विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया था. टीम वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना में नाबालिगों से जुड़े कानूनी प्रावधानों और पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है. मामले में सामने आए वीडियो की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सके.
जमुई मामले पर बिहार में सियासी घमासान
घटना के बाद बिहार की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. विपक्षी नेताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है. जेडीयू की ओर से कहा गया कि ऐसी घटनाओं पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है और कानून-व्यवस्था को किसी एक घटना के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं आरजेडी की ओर से सरकार से महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा गया है. इस बीच पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और सीआईडी जांच पर आगे की निगाह बनी हुई है.

