लालू यादव को बड़ी राहत, 2011 के चुनावी आचार संहिता उल्लंघन केस में कोर्ट ने दी जमानत
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को 2011 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में सीवान कोर्ट से जमानत मिल गई है. करीब 15 साल पुराने इस मामले में लालू यादव शुक्रवार को अदालत में पेश हुए. यह मामला 2011 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान निर्धारित समय के बाद भाषण देने से जुड़ा है.

Bawal Desk: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को 2011 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में सीवान कोर्ट में पेश हुए. अदालत में पेशी के बाद उन्हें जमानत मिल गई. करीब 15 साल पुराने इस मामले में लालू यादव की पेशी अरबिंद सिंह की अदालत में हुई. इस दौरान कोर्ट परिसर में उनके समर्थकों की भीड़ जुटी रही. स्वास्थ्य कारणों से लंबे समय तक उनकी पेशी नहीं हो पाई थी.
2011 के विधानसभा चुनाव प्रचार से जुड़ा है मामला
यह मामला 2011 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है. उस समय लालू प्रसाद यादव दरौंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे. लालू यादव के वकील के मुताबिक, चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी उन्होंने सभा में भाषण दिया था. इसी को लेकर उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था. इस केस में लालू यादव के साथ चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी परमेश्वर सिंह को भी आरोपी बनाया गया था. हालांकि, परमेश्वर सिंह का निधन हो चुका है. करीब 15 साल से लंबित इस मामले में शुक्रवार को लालू यादव अदालत के निर्देश पर पेश हुए. पेशी के बाद अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली.
स्वास्थ्य कारणों से पेशी में हुई थी देरी
लालू यादव के वकील ने बताया कि केस संख्या 146/11 दरौंदा थाने में दर्ज किया गया था. मामले में आईपीसी की धारा 144 और लाउडस्पीकर एक्ट की धारा 9 का उल्लेख है. अदालत में लगातार गैरहाजिरी के कारण पहले जमानती वारंट, फिर रिमाइंडर और गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे. वकील के अनुसार, लालू यादव की तबीयत खराब रहने के कारण उनकी पेशी में देरी हुई थी. इसी आधार पर अदालत से पेशी में छूट की मांग की गई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था. शुक्रवार को कोर्ट के निर्देश पर वह उपस्थित हुए और उन्हें जमानत मिल गई. इस दौरान मीडिया ने उनसे सवाल पूछे, लेकिन स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

