राष्ट्रीय एकता दिवस पर सारवां में उमड़ा जनसैलाब, बादल पत्रलेख ने दिखाई मैराथन को हरी झंडी
राष्ट्रीय एकता दिवस पर देवघर के सारवां में रन फॉर यूनिटी मैराथन आयोजित हुई. विधायक बादल पत्रलेख ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की. झारखंड, बिहार और बंगाल के धावकों ने हिस्सा लिया. धनबाद के अजय राय ने प्रथम स्थान हासिल किया.

Deoghar :- राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देवघर जिले के सारवां में शनिवार को खेल, उत्साह और देशभक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला. सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं, स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने हिस्सा लिया. ‘दौड़ेगा सारवां, बढ़ेगा सारवां’ के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देना था. पूर्व कृषि मंत्री और स्थानीय विधायक बादल पत्रलेख ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन की शुरुआत की. बेहराकनारी मोड़ से सारवां प्रखंड स्तरीय स्टेडियम तक निकली इस मैराथन में झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के धावकों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई. प्रतियोगिता में धनबाद के महुदा निवासी अजय राय ने प्रथम स्थान हासिल किया.
हरी झंडी मिलते ही दौड़ पड़े सैकड़ों प्रतिभागी, देशभक्ति के नारों से गूंजा सारवां
मैराथन को लेकर सुबह से ही बेहराकनारी मोड़ पर प्रतिभागियों और दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी. जैसे ही विधायक बादल पत्रलेख ने हरी झंडी दिखाई, सैकड़ों धावक अपने लक्ष्य की ओर दौड़ पड़े. पूरे रास्ते भारत माता की जय, वंदे मातरम् और सरदार वल्लभभाई पटेल अमर रहें जैसे नारों से माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया. आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के युवाओं के साथ स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया. रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्कूली बच्चों की कतारबद्ध उपस्थिति ने धावकों का उत्साह बढ़ाया. झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से पहुंचे खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस आयोजन को अंतरराज्यीय पहचान दी. मैराथन के माध्यम से आयोजकों ने युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना से जोड़ने का संदेश दिया.
युवाओं के दम पर बदलेगी सारवां की तस्वीर : बादल पत्रलेख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि ‘दौड़ेगा सारवां, बढ़ेगा सारवां’ महज एक नारा नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के बेहतर भविष्य का संकल्प है. उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस एकजुट भारत की कल्पना की थी, उसे मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है. सारवां में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही मंच और अवसर उपलब्ध कराने की है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर देने पर जोर दिया. बादल पत्रलेख ने एकलव्य फिजिकल एकेडमी जैसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखकर खेल, शिक्षा और अनुशासन से जोड़ना जरूरी है. उनका कहना था कि जब युवा आगे बढ़ेंगे, तभी सारवां के विकास के साथ समृद्ध झारखंड और सशक्त भारत का सपना भी पूरा होगा.
1600 और 400 मीटर दौड़ में बालक-बालिकाओं ने दिखाई प्रतिभा
मैराथन के समापन के बाद सारवां प्रखंड स्तरीय स्टेडियम में 1600 मीटर और 400 मीटर की दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. इनमें बालक और बालिका वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया. अलग-अलग वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार भी दिए गए. आयोजन समिति की ओर से सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने में तुतरांचल एकेडमी, एकलव्य फिजिकल एकेडमी के युवाओं और विभिन्न विद्यालयों के बच्चों की अहम भूमिका रही. आयोजकों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए. मौके पर प्रखंड प्रमुख फुकनी देवी, जिला परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह, मुखिया दिवाकर पासवान, प्रखंड विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार, अंचलाधिकारी राजेश साह, रामसेवक सिंह गुंजन, डॉ. प्रियंका कुमारी, अजय कुमार सिंह, विजय कुमार देव और थाना प्रभारी संदीप कुमार मौजूद रहे. इनके अलावा सीएचसी प्रभारी डॉ. बीके सिन्हा, राजेश सिंह, सुधीर सिंह, संतोष सिंह, विनय सिंह, राजेश यादव, भोला यादव, साकेत कुमार सिंह, विक्रम सिंह और राजीव कुमार सिंह सहित कई लोग कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल तथा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने भी आयोजन में सहयोग किया. तीन राज्यों के धावकों की भागीदारी और स्थानीय युवाओं के उत्साह ने इस आयोजन को खास बना दिया. कार्यक्रम ने सारवां में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया.

