रेलवे रिश्वत कांड: डिप्टी CSTE 4 लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार, CBI की बड़ी कार्रवाई
दक्षिण पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर सत्यम कुमार को CBI ने 4 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. मामला रेलवे के सिग्नल और टेलीकॉम कार्यों से जुड़े बिलों की मंजूरी के बदले रिश्वत लेने का है. जांच में कई अन्य लोग भी घेरे में हैं.

रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. चक्रधरपुर रेल मंडल में तैनात डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर (डिप्टी CSTE) सत्यम कुमार पर 4 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. सीबीआई ने उन्हें हावड़ा रेलवे स्टेशन पर ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा. इस मामले में एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसी के अनुसार, रिश्वत का यह मामला रेलवे के सिग्नल और टेलीकॉम से जुड़े करोड़ों रुपये के कार्यों में बिल पास कराने और फाइलों को मंजूरी देने से जुड़ा है. सीबीआई अब इस पूरे मामले में रिश्वत के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
4 लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए डिप्टी CSTE
सीबीआई के अनुसार, दक्षिण पूर्व रेलवे में तैनात डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर सत्यम कुमार को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसी ने शिकायत मिलने के बाद योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की और अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया.
बिल मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
जांच में सामने आया है कि यह मामला रेलवे के सिग्नल और टेलीकॉम कार्यों से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि कंपनी के बिलों को पास कराने, प्राइज वैरिएशन क्लॉज (PVC) बिल, रनिंग अकाउंट (RA) बिल और अन्य वैरिएशन फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी.
हावड़ा स्टेशन पर CBI ने बिछाया था जाल
सीबीआई ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए हावड़ा रेलवे स्टेशन पर ट्रैप लगाया. 25 जुलाई को हुई इस कार्रवाई में सत्यम कुमार को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम पहले से पूरी तैयारी के साथ मौजूद थी.
कंपनी के प्रतिनिधि भी जांच के दायरे में
इस मामले में एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि अमित तिबड़ेवाल और कंपनी निदेशक अंकित अंचलिया को भी आरोपी बनाया गया है. सीबीआई ने कुछ अज्ञात रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है. एजेंसी अब सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.
रिश्वत नेटवर्क की जांच में जुटी CBI
सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत का यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित था या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है. आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
प्रह्लाद जोशी ने संभाला केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, परीक्षा सुधार पर रहेगा फोकस






Leave a comment