JPSC-JSSC विवाद पर गरजे रघुवर दास, बोले- NEET पर इस्तीफा मांगने वाले झारखंड पर क्यों मौन?
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस और JMM पर हमला बोला. उन्होंने NEET मामले में इस्तीफे की मांग करने वाले विपक्ष से झारखंड के परीक्षा विवाद पर जवाब मांगा और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की.

Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रेस वार्ता में झामुमो, कांग्रेस और विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जो दल NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं, वही झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में सामने आए कथित घोटालों पर चुप्पी साधे हुए हैं. रघुवर दास ने राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की.
JPSC-JSSC विवाद पर कांग्रेस और JMM को घेरा
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस, झामुमो, राजद, आम आदमी पार्टी और वाम दल NEET मामले को लेकर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन झारखंड में युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है. उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि यदि NEET मामले में इस्तीफे की मांग की जा सकती है तो JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर राज्य सरकार से जवाब क्यों नहीं मांगा जा रहा. रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में एक साथ नौ प्रतियोगी परीक्षाओं का स्थगित होना राज्य के युवाओं के साथ अन्याय है. उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
परीक्षा अनियमितताओं और एजेंसी की भूमिका पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बिना पर्याप्त तैयारी के परीक्षाएं आयोजित कर रही है. उन्होंने क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि कई अभ्यर्थियों को परीक्षा समाप्त होने के बाद एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का लिंक मिला, जबकि संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न पूछे गए. उन्होंने दावा किया कि JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसी TDPL को वन टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर अंतिम परिणाम तैयार करने तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं. रघुवर दास ने कहा कि यदि यही एजेंसी JSSC में भी ब्लैकलिस्टेड थी, तो उसे JPSC में काम कैसे मिला, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई.
CBI जांच, मुआवजे और छात्रों से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में तत्काल CBI जांच के आदेश दिए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की. इसी तरह झारखंड सरकार को भी JPSC और JSSC मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए कड़े कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले युवाओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की. रघुवर दास ने छात्रों से किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आने, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और अपने भविष्य व शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील भी की.

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