14वीं JPSC विवाद के बीच झारखंड छात्र संघ का बड़ा हमला, CBI जांच की मांग; JSSC CGL जांच पर भी उठाए सवाल
14वीं JPSC परीक्षा विवाद के बीच झारखंड छात्र संघ ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CBI जांच की मांग की है. संघ के प्रतिनिधि कुणाल प्रताप ने JPSC, JSSC और परीक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए OMR गड़बड़ी, मूल्यांकन प्रक्रिया और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की.

Ranchi: 14वीं JPSC परीक्षा विवाद के बीच झारखंड छात्र संघ के प्रतिनिधि कुणाल प्रताप ने सोमवार को रांची प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है. उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की. कुणाल प्रताप ने कहा कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में OMR शीट से जुड़े मामले सामने आने के बाद CID की कार्रवाई हुई, लेकिन यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है. उनका दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल परीक्षा एजेंसियों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए.
अभय तिवारी और परीक्षा एजेंसी पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने TDPL एजेंसी के कर्मचारी रहे अभय तिवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अभय तिवारी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल रहे और कई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े रहे. छात्र संघ का कहना है कि जांच एजेंसियों को यह पता लगाना चाहिए कि परीक्षा एजेंसी के किसी कर्मचारी की भूमिका भर्ती प्रक्रिया में किस सीमा तक रही.
OMR गड़बड़ी को बताया गंभीर मामला
छात्र संघ ने दावा किया कि कम OMR अंक होने के बावजूद कुछ अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा के लिए चयनित होने के मामले सामने आए हैं. उनके अनुसार यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मांग की कि ऐसी सभी परीक्षाओं का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए.
मुख्य परीक्षा की कॉपी नहीं दिखाने का आरोप
कुणाल प्रताप ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद आयोग ने कई अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं नहीं दिखाई हैं. उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को अपनी कॉपी देखने का अधिकार मिलना चाहिए ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी हो सके.
JSSC CGL जांच पर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र संघ ने JSSC CGL परीक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में हुई परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और अन्य आरोपों की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई. उनका आरोप है कि जांच का दायरा सीमित रखा गया और कई संभावित एंगल पर आगे कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान कुछ आरोपियों के कथित बयान और बाद में अदालत में दाखिल दस्तावेजों में अंतर दिखाई देता है. छात्र संघ ने मांग की कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से दोबारा जांच कराई जाए.
CBI जांच की मांग
छात्र संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि 14वीं JPSC, JSSC CGL और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सभी विवादों की जांच CBI को सौंपी जाए. उनका कहना है कि इससे अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल होगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच संभव हो सकेगी.
आयोग और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल JPSC, JSSC और राज्य सरकार की ओर से छात्र संघ द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है और आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों तथा न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी.

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