इंडिया गठबंधन ने जारी किया साझा घोषणापत्र - “हर घर को नौकरी, भूमिहीन को जमीन, मुफ्त बिजली” का संकल्प
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ. विपक्षी इंडिया गठबंधन ने अपना साझा घोषणापत्र जारी किया. इस मौके पर राजद नेता तेजस्वी यादव, वाम दलों के दीपांकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. घोषणापत्र का शीर्षक रखा गया है — &ldquo...


बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ. विपक्षी इंडिया गठबंधन ने अपना साझा घोषणापत्र जारी किया. इस मौके पर राजद नेता तेजस्वी यादव, वाम दलों के दीपांकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. घोषणापत्र का शीर्षक रखा गया है — “बिहार का तेजस्वी प्रण, संपूर्ण बिहार का संपूर्ण परिवर्तन.” गठबंधन ने इस नारे के साथ बिहार को विकास और सामाजिक न्याय की नई दिशा देने का संकल्प लिया है.
बिहार को “नंबर वन राज्य” बनाने का लक्ष्य
तेजस्वी यादव ने कहा, “एनडीए सरकार के पास न तो संकल्प है, न विजन. हम बदलाव लाने आए हैं.” वहीं मुकेश सहनी ने दावा किया कि गठबंधन की सरकार “30 से 35 साल तक चलने वाली सरकार” होगी. वामपंथी नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि गठबंधन किसानों और भूमिहीनों के हक में ठोस कदम उठाएगा.
भोजपुरी, मगही, बज्जिका और अंगिका को राजभाषा का दर्जा
गठबंधन ने अपने घोषणापत्र में इन चार भाषाओं —भोजपुरी, मगही, बज्जिका और अंगिका को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की पहल करने का वादा किया है. इससे इन भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलेगा. भोजपुरी बिहार के भोजपुर, रोहतास, कैमूर, बक्सर, सारण, चंपारण, गोपालगंज, सीवान और जहानाबाद जिलों में बोली जाती है. बज्जिका मुख्यतः मुजफ्फरपुर, वैशाली, पश्चिम चंपारण और शिवहर में प्रचलित है. मगही गया, पटना, नालंदा, नवादा और औरंगाबाद क्षेत्रों में बोली जाती है. अंगिका भागलपुर, मुंगेर और पुर्णिया के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों की प्रमुख भाषा है.
महिलाएं और किसान घोषणापत्र के केंद्र में
महागठबंधन ने महिलाओं और किसानों के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है—
‘माई-बहिन मान योजना’ के तहत महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह (₹30,000 प्रतिवर्ष) सहायता दी जाएगी.
बेटी हमारा अभिमान’ और ‘माताओं के लिए सम्मान’ जैसी योजनाओं के जरिए बेटियों की सुरक्षा और माताओं को आर्थिक सहारा देने की घोषणा.
जीविका दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और ₹30,000 मासिक वेतन.
स्वयं सहायता समूहों के ऋण पर ब्याज माफी और दो साल तक ब्याज-मुक्त ऋण सुविधा.
महिला किसानों को ₹2,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता.
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था.
वक्फ कानून पर रुख
गठबंधन ने कहा कि सत्ता में आने पर राज्य में वक्फ (संशोधन) कानून पर रोक लगाई जाएगी. घोषणापत्र में लिखा है, “अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाया जाएगा.”
इंडिया गठबंधन घोषणापत्र के 12 मुख्य वादे
रोजगार गारंटी: हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का कानून — 20 महीनों में प्रक्रिया शुरू.
जीविका दीदियों का स्थायीकरण: सरकारी कर्मचारी का दर्जा और ₹30,000 मासिक वेतन.
संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को स्थाई किया जाएगा.
कौशल-आधारित रोजगार: आईटी पार्क, कृषि-आधारित उद्योग, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरियां.
पुरानी पेंशन योजना बहाली.
महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह ‘माई-बहिन मान योजना’ के तहत सहायता.
हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली.
महिला सुरक्षा और सहारा इंडिया में फंसी रकम वापसी के लिए नियामक कानून.
प्रतियोगी परीक्षा सुधार: परीक्षा शुल्क समाप्त, मुफ्त यात्रा सुविधा, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई.
स्थानीयों को प्राथमिकता देने वाली डोमिसाइल नीति लागू.
शिक्षा का विस्तार: हर अनुमंडल में महिला कॉलेज, और 136 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज.
शिक्षक-स्वास्थ्यकर्मी स्थानांतरण नीति: गृह जिले से 70 किमी के भीतर पोस्टिंग, समान वेतन-भत्ता व्यवस्था.

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