मंईयां सम्मान योजना सत्यापन पर उठे सवाल, 8500 जांच के बाद भी एक भी लाभुक अयोग्य नहीं
झारखंड की मंईयां सम्मान योजना को लेकर जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड में बड़ा विवाद सामने आया है. योजना के तहत करीब 8500 लाभुकों का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन जांच में एक भी महिला को अयोग्य नहीं पाया गया. इस स्थिति ने पूरी सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना को लेकर जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड में नया विवाद सामने आया है. योजना के तहत लाभुकों के भौतिक सत्यापन का काम जारी है, लेकिन अब तक हुई जांच के आंकड़ों ने प्रशासन को भी हैरान कर दिया है. करीब 8500 लाभुकों के सत्यापन के बावजूद एक भी महिला को अयोग्य नहीं पाया गया है. इस स्थिति ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासनिक अधिकारियों को आशंका है कि पंचायत स्तर पर सत्यापन में लापरवाही या अनियमितता हो सकती है. सरकार का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है, इसलिए अब दोबारा जांच की तैयारी की जा रही है. मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गयी है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
पंचायत स्तर पर चल रहा है भौतिक सत्यापन
नारायणपुर प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना के लगभग 34 हजार लाभुक बताए जा रहे हैं. इन सभी का पंचायत स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है. इस काम की जिम्मेदारी पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, विद्यालय शिक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सौंपी गयी है.
सत्यापन के दौरान लाभुकों के घर जाकर यह जांच की जा रही है कि वे योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं या नहीं. अब तक करीब 8500 महिलाओं की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन किसी को भी अपात्र नहीं पाया गया. यही बात प्रशासनिक अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बन गयी है.
बीडीओ ने जतायी गड़बड़ी की आशंका
नारायणपुर के प्रभारी बीडीओ देवराज गुप्ता ने सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जांच के बावजूद एक भी अयोग्य लाभुक नहीं मिलना सामान्य नहीं माना जा सकता.
प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ पंचायत स्तर के कर्मियों द्वारा सत्यापन में अनियमितता बरती जा रही है. आरोप है कि कुछ मामलों में पैसे लेकर लाभुकों को योग्य घोषित किया जा रहा है. बीडीओ ने कहा कि सरकार की योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दोबारा जांच और कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन अब पहले से सत्यापित लाभुकों की दोबारा जांच कराने की तैयारी में है. प्रभारी बीडीओ ने कहा कि पूरे मामले की व्यक्तिगत निगरानी की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ मिले.
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर कई ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जहां अपात्र लोग भी योजना का लाभ ले रहे हैं. अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और दोबारा जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई है.

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