लोकसभा में एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पेश, विपक्षी हंगामे के बीच सदन स्थगित
लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया. सरकार का दावा है कि इससे पेपर लीक पर सख्ती होगी और परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी.

New Delhi: संसद के मानसून सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया. केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में रखा. इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनुचित तरीकों को रोकने के लिए मौजूदा कानून को और मजबूत बनाना है. सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. वहीं, विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया. दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई. नीट विवाद और परीक्षा सुधारों पर विपक्ष सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार सख्त कानून और टास्क फोर्स के जरिए समाधान का रास्ता बता रही है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से चर्चा में शामिल होने की अपील की.
विधेयक पेश होने के दौरान हंगामा
लोकसभा में विधेयक पेश होते समय विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा किया. फिर भी लिस्टेड बिजनेस आगे बढ़ा और बिल पेश हो गया. राज्यसभा में भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन के कारण बैठक स्थगित हुई. विपक्ष ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन में लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन जैसे उपकरणों का इस्तेमाल हुआ. कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के सांसद संसद परिसर में भी प्रदर्शन कर रहे थे. प्रियंका गांधी समेत कई नेता मकर द्वार पर मौजूद रहे. विपक्ष गृह मंत्री से जवाबदेही और प्रधानमंत्री से माफी की मांग कर रहा है.
सरकार का रुख और रिजिजू की अपील
किरेन रिजिजू ने कहा कि पेपर लीक रोकने वाला यह अहम विधेयक छात्रों के भविष्य से जुड़ा है. उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस से अपील की कि हंगामा छोड़कर सदन में खुलकर चर्चा करें. उनका तर्क था कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा न होने से देश और छात्रों को गलत संदेश जाएगा. रिजिजू ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली सुधार के फैसले का जिक्र करते हुए बताया कि टास्क फोर्स बनाई गई है और सख्त सजा के प्रावधान वाले कानून लाए जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे नकलबाजी और लीक पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी.
विपक्ष के सवाल और टास्क फोर्स पर बहस
विपक्षी सांसदों ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली नई टास्क फोर्स पर सवाल उठाए. सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने याद दिलाया कि दो साल पहले राधाकृष्णन समिति की 184 पन्नों की रिपोर्ट आई थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि नई समितियां असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का तरीका हैं. टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने टास्क फोर्स का स्वागत किया, लेकिन कहा कि विपक्ष की मांगें अभी पूरी नहीं हुईं. उन्होंने प्रधानमंत्री से माफी और गृह मंत्री की आलोचना दोहराई. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर माफी की मांग की.
अन्य मुद्दे और आगे की संभावना
उसी दिन राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सम्मान का अपमान (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने वाले थे. वहीं, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की चर्चा की मांग की. बीजेपी सांसद अभिजीत गांगुली ने पेपर लीक बिल का स्वागत किया और कहा कि सरकार ने तेजी से सही कदम उठाया है. एमएम सांसद महुआ माजी ने विस्तृत चर्चा की जरूरत बताई ताकि कानून में कोई खामी न रहे. सीजेपी ने अपनी कुछ मांगें मानने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया था, फिर भी संसद में विपक्ष सक्रिय रहा.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक, बोले- गांधी का सत्य और अहिंसा का मार्ग आज भी सबसे प्रभावी







Leave a comment