

अडानी समूह के चेयरमैन Gautam Adani ने रविवार को झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Baba Baidyanath Dham में भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्हें प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और सहयोगियों ने संकल्प कराया।
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस प्रक्रिया का विरोध करने की बात कही है और इसे लेकर राजनीतिक आपत्ति दर्ज कराने का संकेत दिया है. साथ ही उन्होंने सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर प्रतिक्रिया दी.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में वित्तीय मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. वित्त मंत्री ने केंद्र पर कर हिस्सेदारी में कटौती का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने बजट खर्च, किसानों के मुआवजे और सरकारी योजनाओं पर सवाल उठाए.
झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मानव-हाथी संघर्ष पर बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं. हाथियों के हमलों में मौत पर मुआवजा राशि बढ़ाने, 10 दिनों में भुगतान सुनिश्चित करने और नई SOP लागू करने की तैयारी चल रही है.
चतरा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां परीक्षा के डर से 12 साल की एक किशोरी घर से निकल गई और बाद में अपने ही रिश्तेदार के घर में पलंग के नीचे छिपी मिली. घटना पिपरवार थाना क्षेत्र के बचरा बसंत विहार कॉलोनी की है.
AI इम्पैक्ट समिट में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस घटना से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा है.
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट उस समय सुर्खियों में आ गया जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के भीतर विरोध प्रदर्शन किया.
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग में पानी की किल्लत को लेकर झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को जोरदार हंगामा हुआ। वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने बार-बार सवाल उठाया कि “जब पानी की व्यवस्था नहीं थी तो उद्घाटन क्यों किया गया?
बांग्लादेश में नई सरकार बनने के साथ ही भारत के साथ रिश्तों में बदलाव के साफ संकेत दिखाई देने लगे हैं। प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान ने पूर्ववर्ती मोहम्मद यूनुस सरकार के कई विवादित फैसलों को पलटना शुरू कर दिया है, जिससे दिल्ली और ढाका के बीच जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है।
झारखंड में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहों ने कानून-व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. सोशल मीडिया और खासकर व्हाट्सएप पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं के कारण आम लोग बिना पुष्टि किए भीड़ का रूप ले रहे हैं और निर्दोष व्यक्तियों पर हमला कर रहे हैं.
झारखंड की राजनीति में एक दौर ऐसा था जब रघुवर दास का नाम सत्ता की रणनीति और संगठन की पकड़ का प्रतीक माना जाता था. सरकार बनाना, विधायकों को साधना और दिल्ली तक असर बनाए रखना उनकी पहचान रही है.