AI इम्पैक्ट समिट में नारेबाजी, स्वेटर उतारकर प्रदर्शन; बिहार और यूपी के यूथ कांग्रेस नेता हिरासत में
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट उस समय सुर्खियों में आ गया जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के भीतर विरोध प्रदर्शन किया.

New Delhi: राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार दोपहर अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कुछ लोगों ने कार्यक्रम के भीतर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारी वैध पंजीकरण के साथ अंदर दाखिल हुए और लॉबी क्षेत्र में नारेबाजी करते हुए विरोध जताया. मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी देवेश कुमार महला ने कहा कि घटना करीब 12:30 बजे हुई और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन में शामिल लोग भारतीय युवा कांग्रेस से जुड़े हैं, जिनमें बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के पदाधिकारी शामिल हैं. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
QR कोड से प्रवेश, लॉबी में प्रदर्शन
पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों ने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया था और उसी QR कोड के जरिए परिसर में प्रवेश किया. अंदर पहुंचने के बाद समूह ने हॉल नंबर-5 की लॉबी में इकट्ठा होकर अचानक विरोध शुरू कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने जैकेट-स्वेटर उतारकर नारे लगाए, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और मौके पर तैनात टीम ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को काबू में किया.
चार कार्यकर्ताओं की पहचान
पुलिस ने जिन चार लोगों की पहचान की है, उनमें बिहार के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि और प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार तथा तेलंगाना के राष्ट्रीय समन्वयक नरसिम्हा यादव शामिल बताए गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि इन सभी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी. अन्य संभावित प्रतिभागियों की पहचान भी की जा रही है.
पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई. भाजपा नेता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन पूर्वनियोजित था और इसके पीछे शीर्ष स्तर की योजना हो सकती है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम में हंगामे की निंदा करते हुए इसे देश की छवि के लिए नुकसानदेह बताया. वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ऐसे आयोजनों को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए. दूसरी ओर, राजद सांसद मनोज कुमार झा ने माना कि आक्रोश हो सकता है, लेकिन इस तरह का विरोध उपयुक्त मंच नहीं है. उधर उदय भानु चिब ने अपने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि वे युवाओं के मुद्दों को उठाते रहेंगे और पीछे नहीं हटेंगे.

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