IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय, जानिए क्या है पूरा मामला
“IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है. मामले में रांची और पुरी के रेलवे होटलों के टेंडर और पटना की जमीन से जुड़े कथित लेनदेन की जांच हुई है.”

New Delhi: दिल्ली की विशेष अदालत ने IRCTC होटल से जुड़े धन-शोधन मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी स्थित रेलवे होटलों के संचालन के लिए दिए गए टेंडर और पटना की जमीन से जुड़े कथित लेनदेन से संबंधित है. ED ने इस मामले में करीब 44.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क किए जाने की जानकारी दी है. अदालत ने कुल 16 आरोपियों में से सात को आरोपमुक्त किया है. हालांकि, आरोप तय होना दोषसिद्धि नहीं है और मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी.
रांची-पुरी के रेलवे होटलों के टेंडर से जुड़ा है मामला
यह मामला वर्ष 2004-05 के दौरान रांची और पुरी स्थित BNR/IRCTC होटलों के संचालन के लिए हुई टेंडर प्रक्रिया से जुड़ा है. उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र की UPA सरकार में रेल मंत्री थे. ED ने CBI की ओर से दर्ज मूल प्राथमिकी के आधार पर PMLA के तहत जांच शुरू की थी. जांच एजेंसी के अनुसार, लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आधिकारिक शक्तियों का कथित दुरुपयोग करते हुए रांची और पुरी के रेलवे होटलों के संचालन का ठेका सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को दिलाने में भूमिका निभाई. ED का आरोप है कि इस प्रक्रिया के बदले पटना में करीब दो एकड़ जमीन से जुड़ा लेनदेन हुआ. एजेंसी के मुताबिक, जमीन का हस्तांतरण उसके वास्तविक मूल्य से कम कीमत पर किया गया. इसी कथित लेनदेन को होटल टेंडर से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई.
पटना की जमीन और यादव परिवार से जुड़े लेनदेन पर जांच
ED की जांच में पटना की जमीन और उससे जुड़े कंपनी स्वामित्व को भी मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है. एजेंसी के अनुसार, लालू यादव के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता के परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनी डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में जमीन का कथित रूप से कम कीमत पर हस्तांतरण किया गया. इसके बाद कंपनी और जमीन से जुड़े अधिकार शेयर खरीद के माध्यम से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से जुड़े होने का आरोप लगाया गया. ED ने अपनी जांच में इस पूरी प्रक्रिया को कथित अपराध से प्राप्त संपत्ति से जोड़ा है. जांच के दौरान एजेंसी ने PMLA की धारा 5 के तहत करीब 44.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की थीं. ED के अनुसार, कुर्की की पुष्टि न्याय-निर्णयन प्राधिकारी ने की है. हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है और मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी.
नौ आरोपियों पर आरोप तय, सात को किया गया आरोपमुक्त
दिल्ली की विशेष अदालत ने मामले में कुल 16 आरोपियों में से सात को आरोपमुक्त कर दिया, जबकि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA की धारा 3 और 4 के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है. ED की ओर से दाखिल अभियोजन शिकायत के आधार पर अदालत में यह कार्रवाई आगे बढ़ी है. आरोप तय किए जाने का अर्थ यह है कि अदालत ने मामले में मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए आरोपों को औपचारिक रूप दिया है. इसे आरोपियों की दोषसिद्धि नहीं माना जाता. अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य और दावे प्रस्तुत करेगा, जबकि आरोपियों को अपने बचाव का अवसर मिलेगा. इस मामले की जड़ CBI की ओर से दर्ज उस प्राथमिकी में है, जिसमें रेलवे होटल टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़े कथित लेनदेन की जांच की गई थी. PMLA के तहत ED ने इसी कथित अपराध से जुड़ी संपत्तियों और लेनदेन की जांच की है.

