क्या झारखंड में बनेगी गैर-बीजेपी, गैर-कांग्रेसी सरकार? बढ़ी अटकलें
झारखंड की राजनीति में कांग्रेस को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. Jairam Mahto ने दावा किया है कि आने वाले महीनों में राज्य में कांग्रेस टूट सकती है और नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं. हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया है.

झारखंड की राजनीति में कांग्रेस को लेकर बयानबाजी अचानक तेज हो गई है. डुमरी विधायक Jairam Mahto ने दावा किया है कि आने वाले महीनों में राज्य में कांग्रेस टूट सकती है और गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेसी विकल्प उभर सकता है. उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि हाल के दिनों में बिहार चुनाव के दौरान महागठबंधन के भीतर जिस तरह की खींचतान सामने आई, उसका असर झारखंड की राजनीति पर भी दिखने लगा है. हालांकि कांग्रेस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और एकजुटता का दावा किया है. लेकिन सवाल यह है कि क्या बिहार में सीट शेयरिंग विवाद और क्रॉस वोटिंग जैसी घटनाएं झारखंड में भी राजनीतिक समीकरण बदल सकती हैं, या यह सिर्फ सियासी बयानबाजी है?
बिहार चुनाव से शुरू हुआ अविश्वास, गठबंधन में दरार के संकेत
दरअसल, Jharkhand Mukti Morcha और कांग्रेस-राजद के बीच तनाव बिहार विधानसभा चुनाव के समय खुलकर सामने आया था. सीट बंटवारे को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि JMM ने अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया और बाद में गठबंधन पर “राजनीतिक साजिश” का आरोप लगाया. पार्टी नेताओं ने साफ कहा था कि उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं दी गईं और इस मुद्दे पर झारखंड में गठबंधन की समीक्षा तक की बात कही गई. यही घटनाक्रम अब झारखंड की सियासत में अविश्वास की पृष्ठभूमि तैयार करता दिख रहा है.
क्या सच में टूट सकती है कांग्रेस?
इसी पृष्ठभूमि में Jairam Mahto का बयान आता है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके अनुभव और मौजूदा हालात के आधार पर कांग्रेस में टूट की संभावना है. उनका तर्क है कि जैसे बिहार में क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी मतभेद सामने आए, वैसे हालात झारखंड में भी बन सकते हैं. हालांकि यह दावा अभी राजनीतिक अनुमान ज्यादा लगता है, लेकिन यह भी सच है कि गठबंधन राजनीति में छोटे-छोटे मतभेद बड़े संकट में बदलते देर नहीं लगती.
कांग्रेस का पलटवार: एकजुटता का दावा, बयान को बताया बेबुनियाद
दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. विधायक Pradeep Yadav ने कहा कि झारखंड में पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और टूट की कोई संभावना नहीं है. वहीं Naman Bixal Kongari ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “क्या जयराम महतो भगवान हैं, जो भविष्यवाणी कर रहे हैं?” कांग्रेस का स्पष्ट संदेश है कि यह सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश है, जबकि हकीकत में संगठन मजबूत है.
झारखंड में फिलहाल सरकार स्थिर दिखती है, लेकिन बिहार चुनाव के दौरान उभरे मतभेद यह जरूर संकेत देते हैं कि गठबंधन के भीतर असहजता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. ऐसे में जयराम महतो का बयान भले ही अतिशयोक्ति लगे, लेकिन इसे पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता—क्योंकि गठबंधन राजनीति में ‘संभावना’ ही सबसे बड़ा फैक्टर होती है.

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