Khunti News: PLFI सदस्य की गिरफ्तारी पर विवाद, संगठन ने पुलिस के दावे से किया इनकार
खूंटी पुलिस द्वारा PLFI के सक्रिय सदस्य के रूप में गिरफ्तार किए गए राजेश महतो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पुलिस ने हथियार और उग्रवादी सामग्री बरामद करने का दावा किया है, जबकि पीएलएफआई ने प्रेस रिलीज जारी कर आरोपी से किसी भी संबंध से इनकार किया है.

खूंटी जिले में पीएलएफआई उग्रवादी की गिरफ्तारी को लेकर नया विवाद सामने आया है. पुलिस ने जिस व्यक्ति को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य बताते हुए गिरफ्तार किया है, संगठन ने उसी दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. खूंटी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजेश महतो उर्फ राजेश यादव उर्फ मोहन कुमार लंबे समय से लेवी वसूली, धमकी, फायरिंग और आगजनी जैसी गतिविधियों में शामिल था. पुलिस ने उसके पास से हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और कथित उग्रवादी पर्चे बरामद करने का दावा किया है. हालांकि गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद पीएलएफआई की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि पकड़े गए व्यक्ति का संगठन से कोई संबंध नहीं है. इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस अब प्रेस रिलीज जारी करने वाले व्यक्ति की पहचान और पूरे मामले की जांच में जुट गई है. घटना को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं.
पुलिस ने बस स्टैंड के पास से किया गिरफ्तार
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने जानकारी दी कि आरोपी को खूंटी-तिरला मार्ग स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी कर्रा थाना कांड संख्या 33/26 में नामजद था और कई आपराधिक मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और कुछ उग्रवादी पर्चे बरामद किए.
पीएलएफआई ने जारी किया प्रेस बयान
गिरफ्तारी के बाद पीएलएफआई की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में पुलिस के दावे को गलत बताया गया. खुद को संगठन का जोनल कमांडर बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि गिरफ्तार युवक संगठन का सदस्य नहीं है. बयान में यह भी दावा किया गया कि पुलिस मामले को गलत तरीके से पेश कर रही है. इस प्रेस रिलीज के सामने आने के बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि उग्रवादी संगठन से जुड़े लोग अक्सर कई नामों का इस्तेमाल करते हैं. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुद को राजेश महतो, राजेश यादव और मोहन कुमार नाम से परिचित कराया है. एसपी ने कहा कि प्रेस रिलीज जारी करने वाले की पहचान की जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

427 कस्टोडियल डेथ पर हाईकोर्ट का बड़ा सवाल, 262 मामलों में न्यायिक जांच क्यों नहीं हुई?

पलामू में इंसानियत शर्मसार: 68 साल के बुजुर्ग पर मासूम से दुष्कर्म का आरोप, ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा



Leave a comment