झारखंड के मंत्री संजय यादव की बढ़ीं मुश्किलें, अवैध बालू मामले में बिहार के बांका कोर्ट में आरोप तय
बिहार के बांका कोर्ट ने वर्ष 2016 के अवैध बालू भंडारण मामले में झारखंड के श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिया हैं। मंत्री ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए न्यायालय पर भरोसा जताया है।

Sanjay Yadav: झारखंड सरकार के श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय यादव वर्ष 2016 के अवैध बालू भंडारण मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं. बिहार के बांका जिले की एक अदालत ने इस मामले में उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं. अदालत में पेश होकर मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें अदालत से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है. यह मामला करीब दस साल पुराना है, जब बांका थाना क्षेत्र में अवैध बालू भंडारण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस जांच के बाद संजय यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था. अब अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के साथ ही इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी.
बांका कोर्ट में आरोप तय, मंत्री ने आरोपों से किया इनकार
बांका के अपर न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) की अदालत ने 29 जून 2026 को इस मामले में आरोप गठन के लिए सुनवाई निर्धारित की थी. तय तारीख पर मंत्री संजय यादव अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए. अदालत ने आरोपपत्र में दर्ज सभी आरोपों को पढ़कर सुनाया और उनसे पूछा कि क्या वे इन आरोपों को स्वीकार करते हैं. मंत्री ने स्पष्ट रूप से सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि वह मुकदमे का सामना करेंगे. अदालत ने इसके बाद मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. अब आगामी सुनवाई की तारीख तय की जाएगी, जिसमें अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और तर्क अदालत के समक्ष पेश करेंगे. आरोप तय होने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है, बल्कि यह ट्रायल शुरू होने की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है.
क्या है पूरा मामला और आगे की कानूनी प्रक्रिया?
यह मामला वर्ष 2016 में बिहार के बांका थाना क्षेत्र में दर्ज अवैध बालू भंडारण से संबंधित प्राथमिकी से जुड़ा है. पुलिस जांच के दौरान संजय यादव सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था और बाद में अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया. वर्तमान में संजय यादव झारखंड के गोड्डा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और राजद कोटे से राज्य सरकार में श्रम एवं उद्योग मंत्री हैं. अदालत में पेश होने के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक या तथ्यहीन हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. अब अदालत में नियमित ट्रायल चलेगा, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे. ट्रायल पूरा होने के बाद ही अदालत यह तय करेगी कि आरोप सिद्ध होते हैं या नहीं. फिलहाल मामले की अगली सुनवाई की तारीख अदालत द्वारा निर्धारित की जाएगी.

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