रामगढ़ में जमीन विवाद ने ली सरकारी अधिकारी की जान, गिरिडीह के रजिस्ट्रार की पीट-पीटकर हत्या
झारखंड के रामगढ़ जिले में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. गिरिडीह में पदस्थापित रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की कथित हमले में मौत हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में जमीन विवाद ने मंगलवार को खूनी रूप ले लिया. मांडू थाना क्षेत्र के हुवाग पंचायत स्थित सिमरिया टांड़ में गिरिडीह में पदस्थापित रजिस्ट्रार *बालेश्वर पटेल* की कथित तौर पर लाठी-डंडे, ईंट और पत्थरों से हमला कर हत्या कर दी गई. गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें रांची रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है.
जमीन पर काम के दौरान हुआ विवाद
परिजनों के अनुसार, बालेश्वर पटेल ने करीब एक माह पहले महेश प्रसाद और रामाशीष साव से 11 डिसमिल जमीन खरीदी थी. मंगलवार को वे उस जमीन पर बोरिंग में समरसेबल लगाने पहुंचे थे. इसी दौरान जमीन पर दावा करने वाले दूसरे पक्ष ने काम का विरोध किया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया.
लाठी-डंडों और पत्थरों से किया हमला
आरोप है कि 10 से 15 लोगों ने मिलकर बालेश्वर पटेल पर लाठी-डंडों, ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया. घटना के समय वे अकेले थे और हमले से खुद का बचाव नहीं कर सके. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
परिजनों ने कई लोगों को किया नामजद
मृतक के परिजनों ने पमपम उर्फ संतोष, विष्णु कुमार, विनय, पूजा, डॉली कुमारी, शकुंतला देवी, रूबी कुमारी और रामू साव उर्फ ज्ञानी साव सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि जब वे घटनास्थल पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी.
मृतक के रिश्तेदार पंकज कुमार महतो ने बताया कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बालेश्वर पटेल गंभीर रूप से घायल हो चुके थे. उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल पहुंचे विधायक, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई. मांडू विधायक निर्मल कुमार महतो भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने कहा कि बालेश्वर पटेल सरकारी अधिकारी थे और वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे. विधायक ने दिनदहाड़े हुई इस हत्या को कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताते हुए सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
मांडू थाना प्रभारी सदानंद कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा पाया गया है. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है.
पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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