‘विमान में बम है’... हवा में IndiGo फ्लाइट में मिला धमकी भरा खत, बेंगलुरु में कराई गई सेफ लैंडिंग
लखनऊ से बेंगलुरु जा रही IndiGo फ्लाइट में हवा के दौरान बम की धमकी वाला पत्र मिलने से हड़कंप मच गया. पायलट ने तुरंत ATC को अलर्ट किया और विमान की बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.

Bengluru: लखनऊ से बेंगलुरु आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E231 में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान हवा में था और केबिन क्रू को बम की धमकी वाला एक पत्र मिला. धमकी की जानकारी मिलते ही पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC को अलर्ट किया और विमान को तय सुरक्षा प्रक्रिया के तहत बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकालकर इसे अलग स्थान पर ले जाया गया. इसके बाद CISF, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने विमान की गहन तलाशी शुरू की. यात्रियों के सामान और विमान के अंदर के हिस्सों की भी जांच की गई. शुरुआती जांच में धमकी के पीछे किसी शरारत की आशंका सामने आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां जांच पूरी होने तक कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं. घटना ने कुछ देर के लिए एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट कर दिया.
पायलट ने तुरंत ATC को दी सूचना
लखनऊ से उड़ान भरने के बाद 6E231 अपने निर्धारित रास्ते पर बेंगलुरु की ओर बढ़ रही थी. इसी दौरान केबिन क्रू के हाथ एक ऐसा पत्र लगा, जिसमें विमान में बम होने की धमकी दी गई थी. मामला सामने आते ही क्रू ने इसे गंभीरता से लिया और पायलट को जानकारी दी. पायलट ने बिना किसी घबराहट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और विमान में मिली धमकी के बारे में बताया. इसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए जरूरी सुरक्षा प्रक्रिया शुरू की गई. विमान को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतारने के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और विमान को अलग क्षेत्र में ले जाया गया. यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब विमान हवा में था. ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती विमान को सुरक्षित तरीके से एयरपोर्ट तक लाना और लैंडिंग के बाद यात्रियों को बिना किसी जोखिम के बाहर निकालना थी. इस दौरान विमान के संचालन और एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय किया गया.
विमान उतरते ही घेरा गया, एक-एक हिस्से की हुई तलाशी
फ्लाइट के एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं. विमान को सामान्य पार्किंग क्षेत्र से अलग ले जाकर जांच के लिए आइसोलेट किया गया. इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने विमान की तलाशी शुरू की. जांच केवल केबिन तक सीमित नहीं रही. विमान के भीतर सीटों, यात्रियों के सामान और दूसरे संवेदनशील हिस्सों को भी खंगाला गया. सुरक्षा एजेंसियों का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक तो विमान में मौजूद नहीं है. अभी तक विमान में किसी बम या विस्फोटक के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है. शुरुआती जांच में धमकी वाले पत्र को ही पूरे घटनाक्रम का केंद्र माना जा रहा है. पत्र कहां से आया, उसे किसने लिखा और वह विमान के भीतर किस तरह पहुंचा, इसकी भी जांच की जा रही है.
यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया, एयरपोर्ट पर बढ़ी सुरक्षा
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को अलग कर दिया गया और जांच पूरी होने तक सामान्य परिचालन से दूर रखा गया. घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई. धमकी की सूचना को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई. जांच पूरी होने तक विमान और उससे जुड़े सामान को सुरक्षा घेरे में रखा गया. फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि फ्लाइट सुरक्षित तरीके से बेंगलुरु पहुंच गई और किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है. धमकी वास्तविक थी या किसी ने जानबूझकर दहशत फैलाने के लिए यह पत्र रखा था, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
पहले भी इंडिगो की फ्लाइट में मिल चुका है ऐसा नोट
विमान में धमकी वाला पत्र मिलने की यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इससे पहले भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है. 16 जुलाई 2026 को बेंगलुरु से अहमदाबाद जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6423 के टॉयलेट में हाथ से लिखा एक धमकी भरा नोट मिला था. उस मामले में भी विमानन सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सक्रिय होना पड़ा था. अब 6E231 में मिले पत्र ने एक बार फिर विमानों में इस तरह की धमकियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल जांच का फोकस 6E231 में मिले पत्र पर है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पत्र किसने लिखा, उसे विमान में किसने रखा और उसका मकसद क्या था. विमान की तलाशी पूरी होने और सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.

