संसद के बाहर सपा का विरोध प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सरकार पर साधा निशाना
“संसद के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया. अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सांसदों ने संसद परिसर में नारेबाजी करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबदेही की मांग की.”

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राम मंदिर के दानपात्र से कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सांसदों ने "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" और "चंदा चोर, गद्दी छोड़" जैसे नारों के साथ सरकार से जवाबदेही की मांग की. सपा ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य, पेपर लीक और सरकारी जवाबदेही से जोड़ते हुए संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई.
संसद परिसर में सपा का जोरदार प्रदर्शन
बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया. सांसद हाथों में "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" और "चंदा चोर, गद्दी छोड़" लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र में कथित वित्तीय अनियमितताएं और चढ़ावे की चोरी था. सपा सांसदों का आरोप था कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान राम के चरणों में श्रद्धा से अर्पित किए गए दान की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें गंभीर लापरवाही हुई. पार्टी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही यह भी कहा कि संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार से हर स्तर पर जवाब मांगा जाएगा.
अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा, पेपर लीक से जोड़ा मामला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में राम मंदिर दान विवाद को देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जो लोग श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दानपात्र की सुरक्षा तक नहीं कर पाए, उनसे यह उम्मीद करना गलत होगा कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक रोक पाएंगे या परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से संपन्न करा सकेंगे. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है. उनके अनुसार जो लोग धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं, वे युवाओं के भविष्य के साथ भी समझौता करने से नहीं हिचकते. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ा संकट खुद सरकार बन चुकी है और जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है.
एफआईआर और आंदोलन को लेकर भी सरकार पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामलों और आंदोलन को लेकर भी समाजवादी पार्टी ने सरकार को घेरा. सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं लेने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी थी, अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार संसद में स्पष्ट रूप से यह आश्वासन दे देती कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा और कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो पूरा विवाद वहीं समाप्त हो सकता था. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए मुकदमों और प्रशासनिक कार्रवाई का सहारा ले रही है. सपा का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को असहमति की आवाज का सम्मान करना चाहिए.
डिंपल यादव ने मुख्यमंत्री और भाजपा पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी राम मंदिर दान विवाद को लेकर भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ अयोध्या पहुंचते हैं और भगवान राम के चरणों में दान अर्पित करते हैं, लेकिन यदि उस दान में कथित गड़बड़ी होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्रशासन की बनती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार अयोध्या का दौरा करते रहे हैं, इसलिए उन्हें जनता को बताना चाहिए कि यह कथित घोटाला कैसे हुआ. डिंपल यादव ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन को केवल लोगों का ध्यान भटकाने की औपचारिकता बताया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मामले को संसद के भीतर मजबूती से उठाएगी और दोषियों के खिलाफ पारदर्शी जांच तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करती रहेगी.


