देवघर में सीजेआई सूर्यकांत का बड़ा संदेश, बोले- गरीबों को न्याय से वंचित नहीं रखा जा सकता; 1,880 लाभुकों को मिली 14.46 करोड़ की सहायता
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत देवघर पहुंचे और राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर का उद्घाटन किया. उन्होंने न्याय मित्रों को घर-घर न्याय पहुंचाने का संदेश दिया. कार्यक्रम में 1,880 लाभुकों के बीच 14.46 करोड़ रुपये की सहायता वितरित की गई.

Deoghar: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत का झारखंड दौरा न्यायिक व्यवस्था को आम लोगों तक पहुंचाने के संदेश के साथ चर्चा में है. सोमवार को देवघर पहुंचे सीजेआई ने व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने न्याय मित्रों, पैरा लीगल वॉलंटियर्स और विधिक सेवा से जुड़े लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि न्याय का रास्ता सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. आर्थिक कमजोरी, सामाजिक पिछड़ापन या कानूनी जानकारी का अभाव किसी व्यक्ति को उसके अधिकारों से दूर नहीं कर सकता. सीजेआई ने जरूरतमंदों तक कानूनी सहायता पहुंचाने और घर-घर न्याय की अवधारणा को जमीन पर उतारने पर जोर दिया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और लाभुक शामिल हुए.
घर-घर न्याय पहुंचाने पर जोर, प्रोजेक्ट शिशु को पूरे देश में लागू करने की पैरवी
देवघर सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी गरीब व्यक्ति को न्याय पाने से वंचित नहीं रखा जा सकता. उन्होंने न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को जरूरतमंदों के बीच पहुंचने की अपील की. उनका जोर इस बात पर रहा कि कानूनी सहायता भी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं की तरह लोगों के दरवाजे तक पहुंचनी चाहिए. इसके लिए न्याय मित्रों, वकीलों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. सीजेआई ने झारखंड में बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए संचालित प्रोजेक्ट शिशु की भी सराहना की. उन्होंने इस पहल को देश के दूसरे हिस्सों में लागू करने की जरूरत बताई. कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह समेत झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी मौजूद रहे. शिविर का आयोजन झालसा, देवघर जिला विधिक सेवा प्राधिकार और जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से किया गया था.
1,880 लाभुकों के बीच 14.46 करोड़ रुपये की सहायता, पलामू में लीगल एड क्लिनिक का उद्घाटन
इस शिविर का एक बड़ा पहलू जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता का सीधा लाभ पहुंचाना भी रहा. कार्यक्रम के दौरान कुल 1,880 लाभुकों के बीच लगभग 14.46 करोड़ रुपये की सहायता और प्रतिकर राशि वितरित की गई. इसमें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ पीड़ितों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को संबल देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना था. कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने ऑनलाइन माध्यम से पलामू के लीगल एड क्लिनिक का भी उद्घाटन किया. वहीं, देवघर में कार्यक्रम के बाद उनके झारखंड दौरे का अगला अहम पड़ाव रांची रहा. यहां उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डेटा सेंटर का उद्घाटन किया. इस डिजिटल सुविधा से लगभग 460 न्यायिक अधिकारियों को तकनीकी रूप से मदद मिलने की उम्मीद है. साफ है कि झारखंड में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में इस दौरे के दौरान जनसहायता और तकनीक, दोनों पर जोर दिया गया.




