NEET से ध्यान हटाकर JPSC पर आक्रामक हुई BJP, कांग्रेस ऑफिस तक पहुंचा प्रदर्शन; कल भाजपा मुख्यालय निशाने पर, रांची में सियासी टकराव का दूसरा राउंड तय!
झारखंड में 14वीं JPSC परीक्षा विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक लड़ाई बन चुका है. भाजपा ने JPSC कार्यालय के बाद कांग्रेस कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला, जबकि कांग्रेस ने अगले दिन भाजपा प्रदेश कार्यालय घेरने का ऐलान कर दिया है.

Ranchi: देशभर में नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है. लेकिन झारखंड की राजनीति में बुधवार को तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी. यहां भाजपा ने राष्ट्रीय मुद्दे से ध्यान हटाकर पूरा फोकस 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के कथित विवाद पर केंद्रित कर दिया. भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले JPSC कार्यालय का घेराव किया, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और आयोग के गेट तक पहुंचकर विरोध दर्ज कराया. इसके बाद प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यालय पहुंच गए, जहां दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. नारेबाजी, आरोप-प्रत्यारोप, अंडे और संतरे के छिलके फेंके जाने के आरोपों के बीच माहौल देर तक गर्म रहा. अब कांग्रेस ने 23 जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यालय घेरने का ऐलान कर दिया है. ऐसे में JPSC का मुद्दा सिर्फ परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि झारखंड की सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई बनता दिख रहा है.
"JPSC का क्या Rate है?" के पोस्टर लगाये
भाजपा और भाजयुमो ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम, कटऑफ और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को मुद्दा बनाते हुए रांची में आयोग का घेराव किया. बड़ी संख्या में छात्र और भाजपा कार्यकर्ता जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से मार्च करते हुए JPSC कार्यालय पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग हटाने और आगे बढ़ने की कोशिश हुई. कुछ प्रदर्शनकारी आयोग के मुख्य गेट तक पहुंच गए और वहां "JPSC का क्या Rate है?" लिखे पोस्टर लगाए. भाजपा का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए.
JPSC से कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचा विरोध
JPSC कार्यालय के बाद प्रदर्शनकारी सीधे कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर बढ़े. पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी. इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी. दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय के बाहर जुट गए. कुछ देर तक दोनों पक्ष आमने-सामने खड़े रहे. मौके पर पुलिस ने दोनों समूहों के बीच दूरी बनाए रखी ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए.
नारे, आरोप और अंडे-संतरे...
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए. वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी नारेबाजी की. मौके पर दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर अंडे और संतरे के छिलके फेंके जाने के आरोप लगे. हालांकि पुलिस की मौजूदगी के कारण कोई बड़ा हिंसक टकराव सामने नहीं आया. प्रदर्शन के दौरान रस्सी और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश कर रहे कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीछे धकेला. पूरे घटनाक्रम ने JPSC आंदोलन को सीधे राजनीतिक टकराव में बदल दिया.
'डंडा चलेगा' बयान के बाद और गरमाई सियासत
प्रदर्शन से पहले ही झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बयान चर्चा में था. उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय आने पर "डंडा चलेगा" कहकर चेतावनी दी थी. बुधवार के प्रदर्शन के दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता का बयान भी सामने आया, जिसमें उसने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को रोक रखा था, नहीं तो जवाब दिया जाता. दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में लाठियां दिखाई देने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने. इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया.
देश में NEET, झारखंड में JPSC...
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और विपक्ष नीट पेपर लीक, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं. लेकिन झारखंड में भाजपा ने रणनीतिक रूप से JPSC विवाद को सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया. पार्टी लगातार परीक्षा परिणाम रद्द करने, कटऑफ सार्वजनिक करने, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में भाजपा ने राज्य के युवाओं से जुड़े मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाकर राज्य सरकार को सीधे घेरे में लाने की कोशिश की है.
23 जुलाई को भाजपा कार्यालय घेरने का ऐलान
भाजपा के प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद कांग्रेस ने भी जवाबी आंदोलन का ऐलान कर दिया. प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि 23 जुलाई को रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव किया जाएगा. साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा. कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें हैं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेना और नीट पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा. ऐसे में गुरुवार को राजधानी रांची में एक और बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिल सकता है. प्रशासन ने भी इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष तैयारी शुरू कर दी है.

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