'सरना धर्म कोड देना ही होगा', झारखंड कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठी मांग, SIR पर बोले- 6 करोड़ वोटर डिलीट
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरना धर्म कोड को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला. कांग्रेस नेताओं ने आदिवासियों की धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए अलग सरना धर्म कोड लागू करने की मांग दोहराई.

Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरना धर्म कोड को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला. कांग्रेस नेताओं ने आदिवासियों की धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए अलग सरना धर्म कोड लागू करने की मांग दोहराई. प्रेस वार्ता का मुख्य मुद्दा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर था, लेकिन सरना धर्म कोड का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहा. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी आदिवासियों की पहचान खत्म करने की कोशिश कर रही है. वहीं, SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए और दावा किया कि देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं. कांग्रेस नेताओं ने महंगाई, NEET पेपर लीक और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर भी तीखा हमला बोला.
‘सरना धर्म कोड देना ही होगा’, कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना
रांची स्थित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सरना धर्म कोड को आदिवासियों की पहचान और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड सहित देशभर के आदिवासी समुदाय लंबे समय से अलग सरना धर्म कोड की मांग कर रहे हैं और अब केंद्र सरकार को इसे लागू करना ही होगा. प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी आदिवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरना धर्म कोड की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी. उनके अनुसार, आदिवासी समाज की अलग परंपराएं, पूजा पद्धति और संस्कृति है, इसलिए उन्हें अलग धार्मिक पहचान मिलनी चाहिए. उन्होंने जाति आधारित जनगणना की भी मांग उठाई और कहा कि इससे समाज की वास्तविक आर्थिक और सामाजिक स्थिति सामने आएगी. प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी जातीय जनगणना से बच रही है क्योंकि वह सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीर नहीं है.
SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस का हमला, ‘6 करोड़ वोटर डिलीट’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि देशभर में लगभग 6 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं और 4 करोड़ अन्य नाम हटाने की तैयारी चल रही है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए और SIR प्रक्रिया में एक विधायक का नाम तक डिलीट हो गया था. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. केशव महतो ने बताया कि झारखंड में कांग्रेस ने 29 हजार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बनाने का लक्ष्य तय किया था, जिसमें से अब तक 17 हजार से अधिक BLO नियुक्त किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि 1 करोड़ 94 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है और बाकी काम तेजी से जारी है. कांग्रेस का दावा है कि वह सुनिश्चित करेगी कि किसी गरीब या जरूरतमंद मतदाता का नाम सूची से न कटे.
महंगाई, NEET पेपर लीक और मोदी सरकार पर भी हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई को लेकर भी तीखा हमला बोला. प्रदीप यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में घूम-घूम कर लोगों को उपदेश दे रहे हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित रखी गईं, लेकिन अब लगातार दाम बढ़ाए जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं को छिपाने के लिए “नौटंकी” कर रही है. प्रदीप यादव ने यह भी कहा कि भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है. NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा. प्रदीप यादव ने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं.

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