अनिल टाइगर हत्याकांड: 14 महीने बाद सुपारी किलर गिरफ्तार, अब तक कौन-कौन पकड़ा गया और कैसे बुनी गई थी हत्या की साजिश?
रांची के चर्चित अनिल टाइगर हत्याकांड में 14 महीने बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित सुपारी किलर सूरज को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में जमीन विवाद और साजिश का एंगल सामने आया था. पुलिस आज मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है.


रांची के चर्चित बीजेपी नेता अनिल टाइगर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मामले में 14 माह से फरार चल रहे कथित सुपारी किलर सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया है. रांची पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कोलकाता से उसे दबोचा. पुलिस आज प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा करेगी. बताया जा रहा है कि सूरज पर बीजेपी नेता अनिल टाइगर की हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने में शामिल होने का आरोप है. घटना के बाद से वह फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी. अब इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अनिल टाइगर की हत्या क्यों हुई, अब तक कितने आरोपी पकड़े गए और इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में जांच कहां तक पहुंची है.
कब हुई थी अनिल टाइगर की हत्या
बीजेपी नेता और रांची ग्रामीण इकाई के पदाधिकारी अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर की 26 मार्च 2025 को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. वे रांची के कांके चौक स्थित होटल के पास बैठे थे, तभी बाइक सवार हमलावर पहुंचे और सिर में गोली मार दी. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था और बीजेपी तथा आजसू ने रांची बंद का आह्वान किया था.
कौन-कौन आरोपी पकड़े गए?
हत्या के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुरुआती दौर में एक शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था. बाद में जांच में कुल कई लोगों की भूमिका सामने आई. अप्रैल 2025 में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था, जिसमें शूटर भी शामिल था. जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश पश्चिम बंगाल के एक होटल में रची गई थी. पुलिस के अनुसार जमीन विवाद इस हत्या की बड़ी वजह बनकर सामने आया. करीब 10 एकड़ जमीन को लेकर विवाद की बात जांच में सामने आई थी.
मास्टरमाइंड, जमीन विवाद और साजिश
पुलिस जांच में देवव्रत नाथ शाहदेव का नाम कथित मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया था. आरोप था कि जमीन विवाद को लेकर अनिल टाइगर की हत्या की योजना बनाई गई. इस मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ लंबे समय तक फरार रहे. अब 14 महीने बाद कथित सुपारी किलर सूरज की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है. माना जा रहा है कि उससे पूछताछ के बाद हत्या की साजिश, फंडिंग, शूटर नेटवर्क और बाकी फरार आरोपियों को लेकर नए खुलासे हो सकते हैं. पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

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