RIMS को मिला नया नेतृत्व, डॉ. डीके सिन्हा बने नए निदेशक
रांची स्थित रिम्स में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपेन्द्र कुमार सिन्हा (डीके सिन्हा) को संस्थान का नया कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया है।

Ranchi: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची को नया निदेशक मिल गया है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दीपेन्द्र कुमार सिन्हा (डीके सिन्हा) को रिम्स निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है. विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. डॉ. सिन्हा अब संस्थान के प्रशासनिक, शैक्षणिक और चिकित्सा संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. स्वास्थ्य विभाग ने इसे रिम्स के सुचारू संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. नए निदेशक के रूप में डॉ. डीके सिन्हा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब संस्थान कई महत्वपूर्ण चुनौतियों और जांच प्रक्रियाओं से गुजर रहा है.

डॉ. राजकुमार का इस्तीफा स्वीकार, जांच के बाद बढ़ी थी चर्चाएं
रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार का इस्तीफा भी स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार कर लिया है. हाल के दिनों में रिम्स में हुई CID जांच के बाद उनके इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. बताया जा रहा है कि CID की दो अलग-अलग टीमों ने संस्थान में कई घंटों तक जांच और पूछताछ की थी. जांच के दौरान निदेशक, डीन, चिकित्सा अधीक्षक समेत कई अधिकारियों से पूछताछ की गई और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई. इसके बाद डॉ. राजकुमार के इस्तीफे की खबर सामने आई. हालांकि सरकार की ओर से इस्तीफे और जांच के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. फिर भी यह घटनाक्रम स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
एडमिशन और टेंडर मामलों की जांच में जुटी है CID
बुधवार को CID की एक टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में हुए कथित दाखिलों की जांच की. वहीं दूसरी टीम ने रिम्स में सफाई कार्य से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं को लेकर दस्तावेजों की पड़ताल की. जांच एजेंसी ने रिम्स के विभिन्न विभागों से कई महत्वपूर्ण फाइलों और रिकॉर्ड की प्रतियां अपने कब्जे में ली हैं. अधिकारियों से लंबी पूछताछ भी की गई है. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रवेश प्रक्रिया और टेंडर आवंटन में कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ. फिलहाल CID दोनों मामलों की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में रिम्स प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है.

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