यात्रीगण कृपया ध्यान दे: 1 जुलाई से लागू होंगे नए नियम, ट्रेन में ये गलती की तो लगेगा भारी जुर्माना
भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने और रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है. केंद्र सरकार द्वारा किए गए नए संशोधनों के तहत अब कई रेलवे अपराधों पर पहले से अधिक जुर्माना देना होगा.

Railway News: भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने और रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है. केंद्र सरकार द्वारा किए गए नए संशोधनों के तहत अब कई रेलवे अपराधों पर पहले से अधिक जुर्माना देना होगा. खासतौर पर बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए न्यूनतम जुर्माना दोगुना कर दिया गया है. रेलवे अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में संशोधन करते हुए सरकार ने जुर्माने की राशि बढ़ाने के साथ-साथ दंड प्रक्रिया को भी आसान बनाया है. नए नियमों के अनुसार, पहले सीधे मुकदमा दर्ज करने के बजाय संबंधित व्यक्ति पर पेनल्टी लगाई जाएगी और जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में मामला अदालत तक पहुंचेगा. रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी कर दिए हैं और संशोधित प्रावधान 1 जुलाई 2026 से लागू किए जाएंगे. इन बदलावों का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा रोकना, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना और यात्रियों के बीच नियमों के पालन को बढ़ावा देना है.
बिना टिकट यात्रा पर अब देना होगा दोगुना जुर्माना
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 के तहत बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. अब इस धारा में संशोधन करते हुए न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है. यानी अगर कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे पहले की तुलना में दोगुना न्यूनतम जुर्माना भरना होगा. हालांकि अधिकतम सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पहले की तरह छह महीने तक की जेल, 1,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान लागू रहेगा. इसके अलावा यात्री को यात्रा किए गए मार्ग का किराया और अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा. रेलवे का मानना है कि बढ़ी हुई पेनल्टी से बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और राजस्व नुकसान को कम किया जा सकेगा.
धारा 138 में भी बढ़ी पेनल्टी, दूरी से आगे यात्रा करना पड़ेगा भारी
रेलवे अधिनियम की धारा 138 उन मामलों पर लागू होती है, जहां यात्री बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करते हैं या फिर टिकट में निर्धारित दूरी से अधिक सफर करते हैं. इस धारा के तहत भी न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है. यानी यदि कोई यात्री अपने टिकट की सीमा से आगे यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे वास्तविक दूरी का किराया देने के साथ कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त पेनल्टी भी चुकानी होगी. हालांकि यात्रा किराए की गणना और अन्य अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था पहले की तरह ही लागू रहेगी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और टिकट जांच प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है.
खतरनाक सामान, फर्जी टिकट और भीख मांगने पर सख्त कार्रवाई
रेलवे ने अन्य नियम उल्लंघनों पर भी जुर्माने की राशि बढ़ा दी है. नए प्रावधानों के तहत खतरनाक या आपत्तिजनक सामान लेकर यात्रा करने पर कम से कम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान रखा गया है. वहीं किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करते हुए यात्रा करने पर टिकट जब्त कर लिया जाएगा और यात्री से किराया तथा कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा. इसके अलावा रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में बिना लाइसेंस सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर 2,000 रुपये तक की पेनल्टी लगाई जाएगी. बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जेल और अतिरिक्त जुर्माने की कार्रवाई भी हो सकती है.
महिला कोच, नशे में हंगामा और अतिक्रमण पर भी बढ़ी सख्ती
रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई अन्य नियमों को भी सख्त किया है. नए नियमों के अनुसार, यदि कोई पुरुष यात्री महिला आरक्षित कोच, सीट या कक्ष में अनधिकृत रूप से प्रवेश करता है तो उस पर 2,500 रुपये तक की पेनल्टी लगाई जाएगी. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में मामला अदालत तक जा सकता है, जहां 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा ट्रेन या स्टेशन परिसर में नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने पर टिकट जब्त किया जा सकता है और 1,000 रुपये तक जुर्माना, जेल या सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है. रेलवे क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश, अतिक्रमण या प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसपैठ करने पर भी 500 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की पेनल्टी और जेल का प्रावधान रखा गया है.
1 जुलाई से लागू होंगे नए नियम
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को संशोधित प्रावधानों की जानकारी भेज दी है और फील्ड स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. रेलवे ने टीटीई, वाणिज्यिक कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 1 जुलाई 2026 या उसके बाद दर्ज होने वाले मामलों में नई जुर्माना राशि लागू की जाए. हालांकि इन प्रावधानों को लागू करने के लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी. रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य रेलवे में अनुशासन बनाए रखना, बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाना, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और रेलवे की आय को सुरक्षित करना है. रेलवे का मानना है कि बढ़ी हुई पेनल्टी और सख्त नियमों से यात्रियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी और यात्रा व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी.

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