इतिहास रच गईं PV Sindhu! 7 साल बाद जीता बड़ा टाइटल
पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 के फाइनल में अकाने यामागुची को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. 7 साल बाद बड़े BWF खिताब के साथ उन्होंने शानदार वापसी का ऐलान कर दिया.


भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने एक बार फिर दुनिया को बता दिया कि बड़े मंच पर उनका जवाब नहीं है. जापान ओपन 2026 के फाइनल में सिंधु ने मेजबान जापान की मौजूदा विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया और जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं.
7 साल बाद बड़ी जीत, शानदार कमबैक से लौटाईं पुरानी पहचान
पीवी सिंधु के लिए यह जीत बेहद खास रही. लंबे समय तक चोट और खराब फॉर्म से जूझने के बाद उन्होंने दमदार वापसी की है. सिंधु ने आखिरी बार 2019 में विश्व चैंपियनशिप का बड़ा खिताब जीता था. इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जरूर मिला, लेकिन BWF टूर पर बड़े खिताब का इंतजार लगातार बना हुआ था. बाएं टखने की चोट के कारण उनकी लय भी प्रभावित हुई थी, लेकिन जापान ओपन में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि वह अभी भी दुनिया की सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल हैं.
19 महीने बाद फिर चैंपियन बनीं सिंधु
यह 19 महीनों में पीवी सिंधु का पहला खिताब है. इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीता था। वहीं, BWF सुपर 750 स्तर का यह उनका पहला बड़ा खिताब है, जिसने उनके करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया. फाइनल जीतने के बाद सिंधु ने कहा कि उनके पास इस जीत को शब्दों में बयां करने के लिए कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद ट्रॉफी जीतना बेहद खास एहसास है और यह सफलता उन्हें आगे के बड़े टूर्नामेंटों के लिए नया आत्मविश्वास देगी.
50 मिनट में खत्म किया फाइनल, यामागुची को नहीं दिया मौका
खिताबी मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया. पहले गेम में उन्होंने शुरुआती बढ़त बनाई. हालांकि अकाने यामागुची ने 16-16 की बराबरी कर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने लगातार अंक जुटाकर पहला गेम 21-17 से जीत लिया. दूसरे गेम में भी भारतीय स्टार का दबदबा कायम रहा. उन्होंने यामागुची को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और 21-17 से गेम जीतकर महज 50 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया.इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजर लॉस एंजेलिस ओलंपिक पर होगी, जहां पीवी सिंधु से एक और पदक की उम्मीद और मजबूत हो गई है.

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