Vaibhav Suryavanshi: 15 साल के वैभव ने रचा इतिहास, 57 साल पुराना रिकॉर्ड किया ध्वस्त
15 साल के बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में इतिहास रचते हुए 57 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया. ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ सिर्फ 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया.

पटना: बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की और टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. उन्होंने महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. यह उपलब्धि उन्होंने 15 साल और 157 दिन की उम्र में हासिल की. इसके साथ ही वैभव ने 1969 में बनाए गए एक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो करीब 57 वर्षों से कायम था. रिकॉर्ड बनाने के बाद भी युवा बल्लेबाज का आक्रामक अंदाज जारी रहा. उन्होंने 81 गेंदों में 92 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें सात चौके और सात छक्के शामिल रहे. हालांकि वह शतक से केवल आठ रन दूर रह गए. वैभव की इस पारी ने एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी क्षमता और बड़े मंच पर दबाव संभालने की काबिलियत को सामने रखा है.
42 गेंदों में अर्धशतक लगाकर बनाया रिकॉर्ड
वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ अपनी पारी के दौरान 42 गेंदों में पचास रन पूरे किए. इस प्रदर्शन के साथ वह दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. उन्होंने यह उपलब्धि 15 साल 157 दिन की उम्र में हासिल की.
57 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा
वैभव से पहले दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था. उन्होंने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था. वैभव ने इससे कम उम्र में अर्धशतक लगाकर लंबे समय से कायम इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया.
92 रन पर खत्म हुई तूफानी पारी
अर्धशतक पूरा करने के बाद भी वैभव ने रन बनाने की रफ्तार कम नहीं की. उन्होंने 81 गेंदों का सामना करते हुए 92 रन बनाए. उनकी पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे. वह अपने शतक से महज आठ रन दूर थे, लेकिन 92 के स्कोर पर उनकी पारी समाप्त हो गई.
सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने से चूके
वैभव के पास दलीप ट्रॉफी का एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका था. शतक लगाने पर वह टूर्नामेंट के सबसे कम उम्र के शतकवीर बन सकते थे. यह रिकॉर्ड फिलहाल सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 17 साल 262 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में शतक लगाया था.
बिहार के क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि
वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर लगातार चर्चा में हैं. कम उम्र में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में जगह बनाने के बाद अब दलीप ट्रॉफी में रिकॉर्ड प्रदर्शन ने उनकी पहचान को और मजबूत किया है. क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजी में भी दो विकेट हासिल किए थे. ऐसे में उनकी बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी क्षमता भी उन्हें खास बनाती है. 57 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाली यह पारी बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी गौरव का विषय है.

