निशा भगत की मौत के बाद गुमला में आक्रोश, आदिवासी संगठनों ने बुलाया बंद; चैनपुर में अंतिम संस्कार आज
आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद गुमला में नाराजगी बढ़ गई है. विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने शनिवार को गुमला बंद का आह्वान किया है. शुक्रवार को आत्महत्या से पहले निशा भगत ने फेसबुक लाइव कर जमीन विवाद से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे.

गुमला:- आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद झारखंड के गुमला जिले में तनाव और आक्रोश का माहौल है. घटना से नाराज आदिवासी संगठनों और उनके समर्थकों ने शनिवार को गुमला बंद का आह्वान किया है. बंद को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. शहर से लेकर चैनपुर तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. शनिवार को ही चैनपुर में निशा भगत का अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है. निशा भगत की मौत ने जिले में जमीन विवाद और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. उनके समर्थक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रियता भी बढ़ गई है.
निशा भगत की मौत से आदिवासी समाज में नाराजगी
निशा भगत की मौत की खबर सामने आने के बाद आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है. उनके समर्थकों का कहना है कि जमीन विवाद से जुड़े मामलों ने उन्हें इस स्थिति तक पहुंचाया. इसी मुद्दे को लेकर संगठनों ने गुमला बंद का निर्णय लिया है. बंद के दौरान बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है.
फेसबुक लाइव के बाद उठाया आत्महत्या का कदम
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को निशा भगत ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. घटना से पहले वह करीब 11 मिनट तक फेसबुक लाइव पर थीं. इस दौरान उन्होंने जमीन कारोबार से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि जमीन दलालों की वजह से वह ऐसी परिस्थिति में पहुंच गई हैं, जहां उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है. उनके लाइव वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया.
रिम्स में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
घटना के बाद निशा भगत के शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा गया था. यहां मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई. पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई.
रिम्स पहुंचे भाजपा नेता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि
निशा भगत की मौत की जानकारी मिलने के बाद भाजपा के कई नेता रिम्स पहुंचे. उनके अलावा सरना और सनातन संगठनों से जुड़े लोग भी अस्पताल पहुंचे थे. वहां मौजूद कई लोगों ने इस घटना के लिए अंतु तिर्की समेत अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया और मामले की जांच की मांग की. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
चैनपुर में अंतिम संस्कार, प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
निशा भगत का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके गृह क्षेत्र चैनपुर में किया जाएगा. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में समर्थकों और सामाजिक संगठनों के लोगों के शामिल होने की संभावना है. दूसरी ओर, गुमला बंद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं. संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है. प्रशासन की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है.

