झारखंड में मानसून ने बदला मिजाज, वज्रपात से 10 की मौत; कई जिलों में बारिश तो कहीं हीट वेव का खतरा
झारखंड में मानसून के फिर सक्रिय होने के बीच वज्रपात की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई है. मौसम विभाग ने 1 जुलाई तक कई जिलों में बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है. वहीं कुछ इलाकों में हीट वेव की स्थिति भी बनी हुई है.


झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके साथ मौसम का दोहरा स्वरूप भी देखने को मिल रहा है. राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश, तेज हवा और वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे क्षेत्रों में गर्मी और हीट वेव की स्थिति बनी हुई है. बीते 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे राज्य में चिंता का माहौल है. मौसम विभाग ने 1 जुलाई तक कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कृषि और जल संकट की चिंता भी बनी हुई है.
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई तक झारखंड के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है.
कई जिलों में बारिश, तो कहीं हीट वेव का असर
राज्य में मौसम का अलग-अलग स्वरूप देखने को मिल रहा है. पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश की संभावना है. वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा के कुछ क्षेत्रों में हीट वेव की स्थिति भी बनी रह सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और मानसूनी ट्रफ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश में और तेजी आ सकती है.
वज्रपात की घटनाओं में 10 लोगों की मौत
बीते 24 घंटों में झारखंड के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की जान चली गई. पलामू, लोहरदगा, कोडरमा, चतरा और जामताड़ा सहित कई जिलों में यह घटनाएं दर्ज की गईं. पिछले करीब 10 दिनों में वज्रपात से मरने वालों की संख्या 20 से अधिक हो चुकी है. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है.
मानसून सक्रिय, फिर भी सामान्य से कम बारिश
मानसून के सक्रिय होने के बावजूद राज्य में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है. 24 जून तक जहां लगभग 140 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल करीब 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है. राजधानी रांची में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन गढ़वा, साहिबगंज और चतरा जैसे जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है.
तापमान में फिलहाल बड़ी राहत नहीं
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. पिछले 24 घंटे में चाईबासा में सबसे अधिक 50.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि डाल्टेनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई की शुरुआत तक मानसून और मजबूत होने से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है.

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