Ranchi: झारखंड की राजनीति इन दिनों एक अलग ही वजह से सुर्खियों में है. खरसावां के विधायक दशरथ गगराई का एक म्यूजिक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस छिड़ गई है. विधायक दशरथ गगराई हाल ही में रिलीज हुए एक म्यूजिक वीडियो में नजर आए हैं, जिसमें उन्होंने न केवल अभिनय किया है बल्कि अपनी आवाज़ भी दी है. यह वीडियो पूरी तरह एंटरटेनमेंट के फॉर्मेट में तैयार किया गया है, जिसमें उनका अंदाज़ किसी प्रोफेशनल कलाकार जैसा दिखाई देता है. साउथ फिल्मों के हीरो की तरह गाड़ी से एंट्री, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और आत्मविश्वास से भरा अभिनय दर्शकों का ध्यान खींच रहा है. वीडियो में विधायक का यह रूप राजनीति से अलग एक रचनात्मक व्यक्तित्व को सामने लाता है. उनके समर्थकों का कहना है कि यह उनका निजी शौक और कला के प्रति लगाव है, जिसे उन्होंने मंच दिया है.
अभिनय के जरिए दिखाया रचनात्मक पक्ष
म्यूजिक वीडियो में दशरथ गगराई का लुक और अभिनय आधुनिक शैली में फिल्माया गया है. रंगीन लोकेशन, हाई-एनर्जी म्यूजिक और आकर्षक कोरियोग्राफी के साथ वीडियो को पूरी तरह मनोरंजन के उद्देश्य से तैयार किया गया है. विधायक ने खुद बताया है कि उन्हें बचपन से ही गाने, लिखने और अभिनय में रुचि रही है. यह वीडियो उसी रुचि का एक रचनात्मक विस्तार है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में एक और म्यूजिक वीडियो रिलीज़ किया जाएगा, जिसमें उनकी पत्नी भी नजर आएंगी. यह अगला प्रोजेक्ट भी झारखंड में शूट किया गया है और इसकी भाषा स्थानीय होने के साथ-साथ आधुनिक फ्लेवर लिए हुए है, ताकि नई पीढ़ी भी इससे जुड़ सके.
BJP ने जताई आपत्ति, उठाए सवाल
हालांकि वीडियो सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई. भारतीय जनता पार्टी ने इस म्यूजिक वीडियो को लेकर आपत्ति जताई है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से समाज को दिशा मिलती है और उन्हें अपने सार्वजनिक आचरण को लेकर सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों की बात करने वाले नेता अगर इस तरह के कंटेंट से जुड़ते हैं, तो समाज को क्या संदेश जाएगा. बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि अगर वीडियो को लेकर किसी तरह का भ्रम या तकनीकी दावा किया जा रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
कला, राजनीति और सार्वजनिक छवि पर बहस
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को अपनी निजी कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति की आज़ादी होनी चाहिए, या फिर सार्वजनिक पद पर होने के कारण उसे अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी चाहिए. जहां एक ओर समर्थक इसे विधायक की निजी पसंद और कला का सम्मान बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे सार्वजनिक आचरण से जोड़कर देख रहा है. फिलहाल यह म्यूजिक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और राजनीति व मनोरंजन के मेल को लेकर बहस जारी है.

