शेयर बाजार में कभी-कभी कुछ कंपनियां ऐसी रफ्तार पकड़ लेती हैं जो निवेशकों का ध्यान खींच लेती हैं. साल 2026 की शुरुआत में ऐसा ही नज़ारा एक प्रमुख स्टील ट्यूबिंग कंपनी के शेयर में देखने को मिला है. लगातार दो कारोबारी सत्रों में करीब 10% की तेजी के साथ यह शेयर अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया. खास बात यह है कि नए साल की यह शुरुआत कंपनी के लिए पिछले आठ वर्षों में सबसे मजबूत मानी जा रही है. बीते वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो ऐसा प्रदर्शन आखिरी बार 2018 की शुरुआत में देखा गया था. मजबूत तिमाही नतीजों, बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ और मैनेजमेंट की सकारात्मक गाइडेंस ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. बाजार में बढ़ती खरीदारी के कारण यह शेयर फिलहाल चर्चा के केंद्र में है और कई निवेशक यह सवाल कर रहे हैं कि क्या अभी इसमें और दम बाकी है.
APL Apollo Tubes के शेयरों में क्यों आई तेजी?
देश की अग्रणी स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब निर्माता APL Apollo Tubes के शेयरों में हाल के दिनों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली. दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजों के बाद इसमें आई गिरावट थम गई और शेयर ने तेजी से पलटवार किया. दो दिनों के भीतर इसमें 10% से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई, जिससे यह रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया. हालांकि मुनाफावसूली के चलते बीच-बीच में थोड़ी नरमी जरूर आई, लेकिन कुल मिलाकर शेयर ने मजबूती बनाए रखी. बाजार में कारोबार के दौरान यह शेयर ₹2,000 के ऊपर टिकने में सफल रहा, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है. जनवरी 2026 में अब तक इसमें 8% से अधिक की बढ़त दर्ज हो चुकी है.
तिमाही नतीजे: वॉल्यूम और प्रोडक्ट मिक्स ने बढ़ाया भरोसा
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी के वॉल्यूम में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. बिक्री की मात्रा 900 किलो टन के पार पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दिखाती है. कंपनी के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी भी बढ़ी है, जिससे रेवेन्यू क्वालिटी में सुधार हुआ. हालांकि प्रति टन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन मजबूत कैश पोजिशन और बेहतर वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट ने बैलेंस शीट को सहारा दिया. तिमाही के अंत में कंपनी का नेट कैश बैलेंस सशक्त स्थिति में रहा.
कैपेसिटी विस्तार पर बड़ा फोकस
APL Apollo Tubes का मैनेजमेंट आने वाले वर्षों में आक्रामक विस्तार की योजना पर काम कर रहा है. वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों के अंत तक कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 5 मिलियन टन के आसपास रही. मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2030 तक इस क्षमता को दोगुना कर 10 मिलियन टन तक पहुंचाया जाए. बढ़ती मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में मजबूती को देखते हुए यह विस्तार कंपनी के दीर्घकालिक विकास की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
गाइडेंस में बढ़ोतरी से निवेशकों का उत्साह
कंपनी ने भविष्य को लेकर अपने अनुमान को और मजबूत किया है. मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रति टन ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अनुमान बढ़ा दिया है. साथ ही, अगले वित्त वर्ष में वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य भी पहले की तुलना में अधिक रखा गया है. इस संशोधित गाइडेंस ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिया है. यही कारण है कि ब्रोकरेज और एनालिस्ट्स की राय भी इस शेयर को लेकर काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है.
एक साल में शेयर ने कैसा प्रदर्शन किया?
पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह शेयर अपने निचले स्तर से तेज़ी से उभरा है. फरवरी 2025 में बने लो लेवल से यह करीब 60% से ज्यादा चढ़ चुका है और जनवरी 2026 में नई ऊंचाई पर पहुंच गया. एनालिस्ट्स के मुताबिक, इसे कवर करने वाले ज्यादातर विशेषज्ञों की राय अब भी सकारात्मक बनी हुई है. हालांकि टारगेट प्राइस में बड़ा अंतर है, जो यह दर्शाता है कि निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है.
⚠️ डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है. इसमें दिए गए विचार और आंकड़े बाजार की सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं. bawalnews.com या लेखक किसी भी प्रकार के निवेश लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता. शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

