Palamu: पलामू जिले में संगठित अपराध से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क पुलिस जांच के दौरान उजागर हुआ है. पुलिस के मुताबिक कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के गिरोह के बीच आपसी साझेदारी बन चुकी है. यह गठजोड़ केवल नाम के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शूटर सप्लाई, हथियारों की व्यवस्था और मामलों की जिम्मेदारी बांटने जैसी आपराधिक रणनीति शामिल है. हाल के दिनों में पलामू पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कई अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, जिनसे पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं. पुलिस का दावा है कि दोनों गैंग एक-दूसरे के प्रभाव और संसाधनों का इस्तेमाल कर पलामू इलाके में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे. इस खुलासे के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है.
प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच तय थी जिम्मेदारी की भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच आपसी समझ बनी हुई थी. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि फायरिंग या किसी बड़ी वारदात के बाद अगर अपराधी पकड़े जाते हैं, तो जिम्मेदारी किसके नाम ली जाएगी, यह पहले से तय रहता था. सूत्रों के मुताबिक, सुजीत सिन्हा अपने खिलाफ चल रहे मामलों और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए प्रिंस खान के नाम का इस्तेमाल करना चाहता था. वहीं, प्रिंस खान पलामू में सक्रिय सुजीत सिन्हा के स्थानीय नेटवर्क का फायदा उठा रहा था. पुलिस इसे संगठित अपराध का सुनियोजित मॉडल मान रही है.
कुबेर और अमित चौधरी बने दोनों गिरोहों की कड़ी
पुलिस की तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच संपर्क स्थापित कराने में “कुबेर” नाम के व्यक्ति की अहम भूमिका थी. हालांकि पुलिस का कहना है कि कुबेर एक फर्जी नाम है, जिसके पीछे असली पहचान छिपी हुई है. गिरफ्तार अमित चौधरी को इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है. जांच में सामने आया है कि कुबेर और अमित चौधरी मिलकर दोनों गैंग के लिए शूटर तैयार करते थे. इन्हीं के जरिए हथियारों की व्यवस्था और पैसों का लेनदेन होता था. पुलिस का दावा है कि अमित चौधरी विदेश भागने की तैयारी में था.
दूसरे राज्य से लाए गए हथियार, चार पिस्टल बरामद
पलामू पुलिस ने हालिया कार्रवाई के दौरान सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया था. इनके पास से चार अवैध पिस्टल बरामद की गईं. जांच में सामने आया है कि ये हथियार मध्यप्रदेश से खरीदे गए थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार हथियारों की सप्लाई के लिए अलग चैनल तैयार किया गया था, ताकि स्थानीय स्तर पर इनका सुराग न मिले. यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और पलामू समेत आसपास के इलाकों में वारदात की तैयारी कर रहा था.
दुबई से ऑपरेट कर रहा प्रिंस खान, जेल में बंद है सुजीत सिन्हा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गैंगस्टर प्रिंस खान फिलहाल दुबई में बैठकर नेटवर्क को संचालित कर रहा है और वहीं से धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं. वहीं, सुजीत सिन्हा झारखंड की जेल में बंद है, जिस पर राज्य के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.पलामू पुलिस का कहना है कि बीते दो महीनों में प्रिंस खान से जुड़े करीब 15 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस अब दोनों गिरोहों की पूरी चेन तोड़ने के लिए लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच कर रही है.

