आदिवासी बच्चों की मौत पर JMM का भाजपा सरकार पर हमला, आंकड़े छिपाने का लगाया आरोप
मध्यप्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर झामुमो ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. लुईस मरांडी और सुदीप गुड़िया ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच, मृत बच्चों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.

Ranchi: मध्यप्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. रांची के हरमू स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में JMM नेताओं ने आरोप लगाया कि बैगा और गोंड समुदाय के बच्चों की मौत के मामले में सरकार ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए. पार्टी नेताओं के मुताबिक, करीब एक महीने के दौरान 30 से अधिक बच्चों की मौत की बात सामने आई है, जबकि अलग-अलग स्तर पर मौतों के आंकड़ों में अंतर देखने को मिला. JMM ने इसे आदिवासी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी निगरानी से जुड़ा गंभीर मामला बताया. पार्टी ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए.
बालाघाट में बच्चों की मौत पर JMM ने उठाए सवाल
JMM की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य और विधायक लुईस मरांडी ने कहा कि बालाघाट में बैगा और गोंड आदिवासी समुदाय के कई बच्चों की मौत चिंता का विषय है. उनका आरोप है कि बच्चों के इलाज और स्वास्थ्य देखभाल को लेकर प्रशासन ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई. उन्होंने कहा कि अलग-अलग आंकड़े सामने आने से मामले को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं.
लुईस मरांडी ने भाजपा पर लगाया आदिवासियों की अनदेखी का आरोप
लुईस मरांडी ने भाजपा पर आदिवासी समाज के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय लंबे समय से जल, जंगल और जमीन के अधिकार के साथ शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग करता रहा है. उनके मुताबिक, आदिवासी इलाकों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए.
आदिवासियों के खिलाफ घटनाओं का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्यप्रदेश में आदिवासी समुदाय से जुड़े कुछ पुराने विवादित मामलों का भी उल्लेख किया गया. लुईस मरांडी ने कहा कि आदिवासी युवाओं और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की.
सुदीप गुड़िया ने मांगा 25 लाख का मुआवजा
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने आदिवासी आश्रमों में बच्चों की मौत को सामान्य घटना मानने से इनकार किया. उन्होंने इसे सरकारी व्यवस्था की गंभीर कमी बताया. गुड़िया ने केंद्र के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की. साथ ही मृत बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी.
MMDR नीति का विरोध, हेमंत सोरेन सरकार की तारीफ
JMM नेताओं ने केंद्र की MMDR नीति में बदलाव को लेकर भी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों का असर आदिवासी बहुल इलाकों और वहां रहने वाले लोगों के अधिकारों पर पड़ सकता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेताओं ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही है.


